facebookmetapixel
Advertisement
BS Ubharta Purvanchal: बढ़ते उत्तर प्रदेश में बैंकिंग क्षेत्र के लिए हैं असीमित अवसरBS Ubharta Purvanchal: धार्मिक पर्यटन से चमकी काशी पूर्वांचल का चमकना बाकीरियल एस्टेट में लखनऊ-नोएडा को पीछे छोड़ UP का सबसे महंगा शहर बना वाराणसी, VDA ला रहा नया टाउनशिप प्लानBS Ubharta Purvanchal: हस्तशिल्प, MSME और पर्यटन से चमकेगी वाराणसी की अर्थव्यवस्थाEditorial: विक्रम-1 की ऐतिहासिक उड़ान ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में खोले निजी भागीदारी के दरवाजे भारत के बड़े शहरों की हकीकत: एक जैसे नहीं रोजगार, वेतन और महिलाओं के अवसरसुधारों में देरी यानी सुधारों से इनकार, अब रोजमर्रा का हिस्सा बनें सुधारFIFA World Cup 2026: रिकॉर्ड कमाई के बीच कौन बना सबसे बड़ा विजेता और किसे हुआ नुकसान?संसद के मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ा, नीट पेपर लीक-राम मंदिर मुद्दे पर विपक्ष का जोरदार हंगामाभारत को मिला पहला डेंगी वैक्सीन: DCGI ने Takeda के QDENGA को दी मंजूरी

10 लाख पहुंचेगी वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री!

Advertisement

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) के आंकड़ों के अनुसार वाणिज्यिक वाहन विनिर्माताओं ने वित्त वर्ष 19 के दौरान देश भर में 1,007,319 गाड़ियां डीलरों को भेजी थीं।

Last Updated- April 16, 2025 | 10:35 PM IST
Commercial Vehicle industry
प्रतीकात्मक तस्वीर

सात साल की नरम अवधि के बाद देश का वाणिज्यिक वाहन उद्योग वैश्विक महामारी से पहले का अपना शीर्ष स्तर फिर से हासिल करने को तैयार है। उम्मीद जताई जा रही है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान घरेलू बिक्री 10 लाख के आंकड़े तक पहुंच जाएगी। इस सुधार को हल्के वाणिज्यिक वाहनों से रफ्तार मिलेगी, जिनकी कुल बिक्री में लगभग 62 प्रतिशत हिस्सेदारी होने की संभावना है। इसका श्रेय ई-कॉमर्स के बढ़ते तंत्र तथा मझोले और छोटे शहरों में बढ़ते वेयरहाउसिंग को जाता है। यह सुधार वित्त वर्ष 2019 में महामारी से पहले के शीर्ष स्तरों की ओर वापसी दर्शाता है।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) के आंकड़ों के अनुसार वाणिज्यिक वाहन विनिर्माताओं ने वित्त वर्ष 19 के दौरान देश भर में 1,007,319 गाड़ियां डीलरों को भेजी थीं। सायम के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 25 में थोक बिक्री में 9,56,671 वाणिज्यिक वाहन भेजे गए। यह संख्या पिछले वित्त वर्ष से 1.2 प्रतिशत कम रही।

Advertisement
First Published - April 16, 2025 | 10:12 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement