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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: शेयर बाजार में सूचीबद्धता की होड़

टाटा टेक्नॉलजीज की प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) में निवेशकों ने अच्छी खासी रुचि दिखाई है क्योंकि यह लगभग दो दशकों में इस समूह की ओर से पहली प्राथमिक बाजार पेशकश है। इस इश्यू के माध्यम से 475 से 500 रुपये प्रति शेयर की दर से करीब 3,042 करोड़ रुपये की राशि जुटाने का लक्ष्य है। […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकती हैं असमान वृद्धि

संपदा का एक स्थान पर केंद्रीकृत होना तथा असमानता में बढ़ोतरी होना आर्थिक विकास को प्रभावित कर सकते हैं। यहां तक कि देश के मजबूत आर्थिक वृद्धि के प्रदर्शन के दौर में भी यह जारी रह सकता है। आंकड़े बताते हैं कि महामारी के बाद की सुधार प्रक्रिया में असमानता बढ़ी है। आय के निचले […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: PLI से परे नीति, IT हार्डवेयर्स के आयात को प्रतिबंधित करने की दूसरी भी वजह

सरकारी हस्तक्षेप हमेशा वांछित नतीजे नहीं देता। उदाहरण के लिए केंद्र सरकार ने अगस्त में घोषणा की थी कि वह आईटी हार्डवेयर क्षेत्र के सात उत्पादों को प्रतिबंधित सूची में डालेगी। इस योजना को 30 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया और सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की लेकिन बाजार ने संभावित अनिश्चितता को […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: RBI द्वारा असुरक्षित जोखिम भार में बढ़ोतरी समय से पहले उठाया गया कदम

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गत सप्ताह बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों दोनों के ​लिए उपभोक्ता ऋण जोखिम भार को 100 फीसदी से बढ़ाकर 125 फीसदी करने का निर्णय लिया है। यह समय से पहले उठाया गया कदम है। हालांकि इसमें आवास ऋण, शिक्षा ऋण, वाहन ऋण और सोने के बदले लिए गए ​ऋण […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: चुनावों में बड़े पैमाने पर धनबल

चुनाव के ठीक पहले लुभावने वादे करना भारतीय राजनीति में आम बात हो गई है। परंतु राजनीतिक दल और प्रत्याशी केवल उन वादों तक नहीं रुकते जिन्हें सरकारी खजाने से पूरा करना होता है क्योंकि शायद वे वादे चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त नहीं होते हैं। चुनाव प्रचार अभियानों में बहुत बड़े पैमाने पर धनराशि […]

आज का अखबार, संपादकीय

स्कूलों को बेहतर बनाएं

भारत में करीब 15 लाख स्कूलों का भारी भरकम नेटवर्क है जिसमें करीब 26 करोड़ छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शिक्षा का अधिकार, सर्व शिक्षा अभियान और मध्याह्न भोजन जैसी सरकारी पहलों ने स्कूली शिक्षा तक पहुंच में महत्त्वपूर्ण सुधार किया है। बहरहाल, अभी भी बड़े पैमाने पर अंत:संबंधित चुनौतियां मौजूद हैं जिनमें शिक्षण नतीजे, शिक्षकों की […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial : भारतीय रेलवे की क्षमता में कमी

दीवाली के अवसर पर पड़ने वाले सप्ताहांत पर लंबी दूरी की ट्रेनों और विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर बेतहाशा भीड़ की तस्वीरों और वीडियो ने कई लोगों को स्तब्ध कर दिया। ट्रेनों के बाहर भारी भीड़ मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क के भीड़-भाड़ वाले समय की याद दिलाती है। बस ये ट्रेनें उपनगरीय न होकर अलग-अलग शहरों और […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: हिमालय क्षेत्र में अनियंत्रित निर्माण पर ध्यान देने की आवश्यकता

हिमालय के ऊपरी हिस्से में एक सुरंग के निर्माण के दौरान उसके ढह जाने से 40 श्रमिक फंस गए और उन्हें बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की चार धाम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का यह हिस्सा उत्तरकाशी क्षेत्र में ब्रह्मखाल और यमुनोत्री के बीच स्थित है। यह मानने की पर्याप्त वजह है कि […]

आज का अखबार, संपादकीय

Editorial: उभरते बाजारों का मजबूत प्रदर्शन

महामारी के दौरान किए गए नीतिगत समायोजन को समाप्त करने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मार्च 2022 के बाद नीतिगत दरों में तेज इजाफा किए जाने के बाद तमाम उभरते बाजार वाली अर्थव्यवस्थाओं में टैपर टैंट्रम 2.0 (केंद्रीय बैंक द्वारा परिसंपत्ति खरीद कार्यक्रम को कम करना) का डर गहरा हो गया था। बहरहाल चिंताओं के […]

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

Editorial: बिहार की समस्या

जनवरी 2022 में रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षाओं में कथित तौर पर हुई अनियमितताओं तथा उसी वर्ष जून में अग्निवीर योजना के हिंसक विरोध की खबरें सबसे पहले बिहार से आई थीं। यह बात दर्शाती है कि राज्य के युवाओं में राज्य के भीतर रोजगार के अवसरों की कमी को लेकर कितना अधिक गुस्सा है। […]

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