असम में विस्थापित अल्पसंख्यकों एवं बोडो आदिवासियों में जारी संघर्ष में मरने वालों की संख्या बढ कर 53 हो गयी जबकि आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित कोकराझार का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आज किसी अप्रिय घटना की कोई सूचना नहीं है जबकि कोकराझार जिले से दो और चिरांग से एक सडा गला शव मिलने से पिछले कुछ दिनों से जारी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ कर 53 हो गयी।
सूत्रों ने कहा कि कोकराझार में दिन के कफ्र्यू में ढील दी गया जबकि रात का कफ्र्यू जारी रहेगा। इसके अलावा चिरांग और धुबरी में भी रात का कफ्र्यू जारी रहेगा।
राज्य के पांच जिले ़ ़कोकराझार, चिरांग, धुबरी, बकसा और बोंगाईगांव हिंसा से प्रभावित हुए हैं जबकि लगभग तीन लाख लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है।
इस बीच नाराज मुख्यमंत्री तरूण गोगोई ने इस बात से इंकार किया कि उन्होंने केन्द्र या सेना को विलंब से मौके पर पहंुचने के कारण हिंसा के लिये जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री की मौजूदगी में ही कहा, मैंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है।
मुख्यमंत्री ने कल गुवाहाटी में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि पहले दिन से ही सेना की मौजूदगी से हिंसा टाली जा सकती थी।