Advertisement
अब पैकेट बंद खाने पर रहेगी चीनी, नमक और वसा के मात्रा की चेतावनी, SC ने FSSAI को लगाई कड़ी फटकारबारामती हादसे के बाद DGCA का बड़ा एक्शन: 14 चार्टर विमान कंपनियों का शुरू हुआ ‘स्पेशल सेफ्टी ऑडिट’लोक सभा में थमा एक हफ्ते का गतिरोध, अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष ने दिया नोटिसमहत्वपूर्ण खनिजों को लेकर नीति आयोग की केंद्र को बड़ी चेतावनी, कहा: पर्यावरण की कीमत पर न हो माइनिंगअमेरिकी बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की मचेगी धूम! 46 अरब डॉलर के मार्केट में मिलेगी ‘ड्यूटी-फ्री एंट्री’CBSE का बड़ा फैसला: अब कंप्यूटर पर जांची जाएंगी 12वीं की कॉपियां, OSM सिस्टम होगा लागूसियासी जंग का बमगोला बना तिरुपति का लड्डू, TDP और YSRCP में सियासी जंगब्रांड की दुनिया में स्मृति मंधाना का जलवा: पुरुषों के दबदबे वाले विज्ञापन बाजार में लिख रहीं नई इबादतभारत-अमेरिका ट्रेड डील में डिजिटल व्यापार नियमों पर बातचीत का वादा, शुल्क मुक्त ई-ट्रांसमिशन पर होगी बात!IPO, QIP और राइट्स इश्यू से जुटाई रकम पर सेबी की नजर, नियम होंगे सख्त
अन्य समाचार विचाराधीन कैदी की मौत के लिए आठ जेल अधिकारियों के खिलाफ दर्ज होगा मामला
'

विचाराधीन कैदी की मौत के लिए आठ जेल अधिकारियों के खिलाफ दर्ज होगा मामला

PTI

- July,21 2012 7:06 PM IST

मुजफ्फरनगर की एक स्थानीय अदालत ने पुलिस को वर्ष 1999 में एक विचाराधीन कैदी की मौत के मामले में पूर्व जेल अधीक्षक सहित जिला जेल के आठ अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेश चंद अरिया ने कल पुलिस को यह निर्देश तब दिया जब पीडि़त के पुत्र ने आरोप लगाया कि उसके पिता चरण सिंह को जेल अधिकारियों ने जहर देकर मार दिया।

चरण सिंह के पुत्र ने कहा कि उसके पिता के मौत में आठ अधिकारी शामिल थे। इन आठ लोगों में जेल अधीक्षक आर एन त्रिपाठी, जेलर मुकेश कुमार, उप जेल अधीक्षक आर एन शर्मा, वार्डन अजित कुमार तिवारी, अशोक कुमार गुप्त, सतीश शर्मा और राकेश कुमार शामिल थे।

याचिका में कहा गया है कि पूर्व मेें एक मौत मामले की एक मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिये गए थे जिसमें यह बात सामने आयी थी कि अधिकारियों ने लापरवाही बरती और कैदी को समय पर चिकित्सा मुहैया नहीं करायी।

याचिका में कहा गया है कि पीडि़त की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के शव में जहर पाया गया था। हालांकि अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

भाषा

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement