Advertisement
Stock Market Today: ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव, एशिया में तेजी; जानें भारतीय बाजार पर क्या होगा असरStocks To Watch Today: Apollo, Hindustan Zinc, Coal India समेत आज इन शेयरों पर रखें नजरअब पैकेट बंद खाने पर रहेगी चीनी, नमक और वसा के मात्रा की चेतावनी, SC ने FSSAI को लगाई कड़ी फटकारबारामती हादसे के बाद DGCA का बड़ा एक्शन: 14 चार्टर विमान कंपनियों का शुरू हुआ ‘स्पेशल सेफ्टी ऑडिट’लोक सभा में थमा एक हफ्ते का गतिरोध, अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष ने दिया नोटिसमहत्वपूर्ण खनिजों को लेकर नीति आयोग की केंद्र को बड़ी चेतावनी, कहा: पर्यावरण की कीमत पर न हो माइनिंगअमेरिकी बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की मचेगी धूम! 46 अरब डॉलर के मार्केट में मिलेगी ‘ड्यूटी-फ्री एंट्री’CBSE का बड़ा फैसला: अब कंप्यूटर पर जांची जाएंगी 12वीं की कॉपियां, OSM सिस्टम होगा लागूसियासी जंग का बमगोला बना तिरुपति का लड्डू, TDP और YSRCP में सियासी जंगब्रांड की दुनिया में स्मृति मंधाना का जलवा: पुरुषों के दबदबे वाले विज्ञापन बाजार में लिख रहीं नई इबादत
अन्य समाचार सरकार ने राष्ट्रीय जल नीति का नया मसौदा तैयार किया
'

सरकार ने राष्ट्रीय जल नीति का नया मसौदा तैयार किया

PTI

- July,17 2012 8:43 PM IST

राज्यों के दबाव में केंद्र ने राष्ट्रीय जल नीति का नया मसौदा तैयार किया है । इसमें पानी के उपयोग को लेकर एक विस्तृत राष्ट्रीय कानूनी ढांचा विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है ।

यह तीसरा मसौदा राष्ट्रीय जल बोर्ड की सिफारिशों पर आधारित है । पहला मसौदा जनवरी में और दूसरा मई में जारी किया गया ।

हाल में कानूनी ढांचा विकसित करने के मुद्दे पर राष्ट्रीय जल परिषद की बैठक में राज्यों के विरोध के बाद मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह और कुछ नहीं, बल्कि सामान्य सिद्धांतों को मिलाकर बनाया गया एक सिद्धांत है जो केंद्र, राज्यौं और स्थानीय प्रशासन की वैधानिक एवं कार्यकारी शक्तियों को संचालित करता है ।

नए मसौदे में कहा गया है, हालांकि यह स्वीकार किया जाता है कि पानी को लेकर उचित नीतियां, कानून और नियम बनाना राज्यों का अधिकार है, फिर भी पानी को लेकर एक विस्तृत राष्ट्रीय कानूनी ढांचा बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी । एक ऐसा ढांचा जिससे प्रत्येक राज्य में जल संचालन के लिए आवश्ययक कानून और स्थानीय स्तर पर जल संबंधी स्थिति से निपटने के लिए सरकार के निचले स्तर पर जरूरी अधिकारों के हस्तांतरण का मार्ग प्रशस्त हो सके ।

इसमें कहा गया है कि इस तरह के कानूनी ढांचे में पानी को केवल एक संसाधन ही नहीं, बल्कि जीवन और पारिस्थितिकी को बचाए रखने वाला महत्वपूर्ण कारक माना जाना चाहिए।

भाषा

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement