facebookmetapixel
Advertisement
दिल्ली से मेरठ का सफर होगा आसान, PM Modi आज दिखाएंगे नमो भारत को हरी झंडीMCap: टॉप कंपनियों की मार्केट कैप में 63,000 करोड़ का उछाल, एलएंडटी और एसबीआई आगेUS Tariffs: अमेरिका में टैरिफ को लेकर बड़ा फैसला, ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% कियाPM मोदी का बड़ा बयान, HCL-Foxconn OSAT JV भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का अहम कदम; जेवर में लगेगा हाईटेक प्लांटक्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक दिन इंसान को बेकार बना देगा? जानें एक्सपर्ट इसपर क्या सोचते हैंNSE का बड़ा धमाका: अब नैनोसेकंड में होंगे ट्रेड, 1000 गुना बढ़ जाएगी ट्रेडिंग की रफ्तार500% का मोटा डिविडेंड! एग्रीकेमिकल सेक्टर की कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेअमेरिकी कोर्ट के फैसले और ट्रंप के बयान पर भारत की नजर, सरकार ने कहा: हम अभी स्टडी कर रहे1 शेयर के बदले मिलेंगे 3 फ्री बोनस शेयर! IT सेक्टर की कंपनी का निवेशकों को तोहफा, देखें पूरी डिटेलPM मोदी और राष्ट्रपति लूला की बैठक: भारत-ब्राजील के बीच $20 अरब के व्यापार का बड़ा लक्ष्य तय

बड़ी कंपनियों को SEBI ने दी राहत, संबंधित पक्ष लेनदेन में अब कारोबार के आधार पर तय होगी सीमा

Advertisement

सेबी ने सूचीबद्ध कंपनियों के संबंधित पक्ष लेनदेन की सीमा को उनके कुल कारोबार से जोड़ने का प्रस्ताव दिया है जिससे बड़ी कंपनियों को मंजूरी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।

Last Updated- August 04, 2025 | 10:32 PM IST
SEBI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने संबंधित पक्ष के लेनदेन संबंधी मानदंडों में बड़ा बदलाव करते हुए ऐसे लेनदेन की मैटेरियलिटी सीमा को सूचीबद्ध कंपनी के कुल कारोबार से जोड़ने का प्रस्ताव दिया है। बाजार नियामक के इस प्रस्ताव से बड़ी कंपनियों को अ​धिक फायदा होने की उम्मीद है।

सेबी ने कहा है कि प्रस्तावित बदलाव किए जाने से शीर्ष 100 सूचीबद्ध कंपनियों के लिए शेयरधारकों की मंजूरी की आवश्यकता वाले संबं​धित पक्ष के लेनदेन की संख्या में करीब 60 फीसदी की कमी आ सकती है। मौजूदा नियमों के तहत, लेनदेन 1,000 करोड़ रुपये से अ​धिक या सूचीबद्ध कंपनी के कुल वार्षिक कारोबार के 10 फीसदी से ज्यादा हो तो उसे मैटेरियल माना जाता है।

बाजार नियामक ने सबके लिए समान दृष्टिकोण को बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों के लिए बोझिल बताते हुए कुल कारोबार बढ़ने पर लेनदेन की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। सूचीबद्ध कंपनियों को मैटेरियल संबं​धित पक्ष के लेनदेन के लिए शेयरधारकों और ऑडिट समिति से मंज़ूरी लेनी होती है।

नए मानदंडों के तहत अगर वार्षिक कुल कारोबार 20,000 करोड़ रुपये तक है तो संबं​धित पक्ष के लेनदेन की सीमा 10 फीसदी होगी। अगर कारोबार 20,001 करोड़ रुपये से 40,000 करोड़ रुपये के बीच है तो यह सीमा तभी लागू होगी जब लेनदेन 2,000 करोड़ रुपये का हो और सूचीबद्ध कंपनी के वार्षिक कुल कारोबार का 5 फीसदी हो।

अगर कुल कारोबार 40,000 करोड़ रुपये से अधिक है तो उसके लिए यह सीमा 3,000 करोड़ रुपये के साथ कुल कारोबार का 2.5 फीसदी या 5,000 करोड़ रुपये (जो भी कम हो) होगी। सेबी ने कहा है कि 5,000 करोड़ रुपये की सीमा अल्पांश शेयरधारकों के हितों की रक्षा के लिए है। संबं​धित पक्ष के लेनदेन संबंधी मानदंड वित्तीय स्थिति पर नियंत्रण रखते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म इनगवर्न रिसर्च के श्रीराम सुब्रमण्यन ने कहा कि यह छूट तभी व्यावहारिक होगी जब संबं​धित पक्ष के लेनदेन संबंधी खुलासे ऑडिट समितियों और शेयरधारकों के समक्ष किए जाएं। कंपनी जगत की ओर से इन छूटों की मांग काफी समय से की जा रही थी क्योंकि ऑडिट समितियों और अनुपालन का बोझ बढ़ गया था। यह प्रस्ताव सूचीबद्धता दायित्व एवं खुलासा (एलओडीआर) अ​धिनियम पर एक सलाहकार समिति की सिफारिशों पर आधारित है।

बाजार नियामक ने सहायक कंपनी के साथ किए गए संबं​धित पक्ष के ऐसे लेनदेन के लिए भी सीमा में बदलाव का प्रस्ताव दिया है जहां सूचीबद्ध कंपनी लेनदेन का हिस्सा नहीं है। ऐसे 1 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन के लिए ऑडिट समिति से मंजूरी लेने की जरूरत तभी होगी जब लेनदेन का मूल्य एकल आधार पर सहायक कंपनी के वार्षिक कुल कारोबार के 10 फीसदी या एलओडीआर के तहत संबं​धित पक्ष के लेनदेन की सीमा (जो भी कम हो) से अधिक होगा।

एक अन्य महत्त्वपूर्ण बदलाव के तहत सूचीबद्ध कंपनी अथवा सहायक कंपनी से कुछ खुदरा खरीद पर निदेशकों और प्रमुख प्रबंधक कर्मियों के रिश्तेदारों को छूट प्रदान की गई है। वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों द्वारा दी गई मंजूरी अगली वार्षिक आम बैठक की तारीख, लेकिन अ​धिकतम 15 महीने तक तक मान्य होगी। अगर ऐसी मंजूरी वार्षिक आम बैठक के इतर अन्य बैठक में ली गई हो तो वह एक साल के लिए मान्य होगी।

Advertisement
First Published - August 4, 2025 | 10:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement