विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक जनवरी-जून 2025 के दौरान भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने आईटी, एफएमसीजी और बिजली क्षेत्र से अच्छी खासी निकासी की। इस अवधि में एफपीआई की शुद्ध निकासी 77,898 करोड़ रुपये रही। आईटी क्षेत्र के शेयरों से उन्होंने 30,600 करोड़ रुपये निकाले जबकि एफएमसीजी शेयरों से 18,178 करोड़ रुपये की […]
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केरल में एक महीने से अधिक समय से फंसा यूके ब्रिटिस नौसेना का एफ-35 लड़ाकू विमान मरम्मत के बाद मंगलवार को ब्रिटेन के लिए उड़ गया। यह लड़ाकू विमान 14 जून को तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा था। खराब मौसम या तकनीकी खराबी के कारण जब यह प्रिंस ऑफ वेल्स विमानवाहक पोत पर नहीं […]
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कुछ आईपीओ ऐसे भी हैं जिनमें अगर आपने पांच साल पहले 1,00,000 रुपये का निवेश किया होगा तो अब उनकी कीमत घटकर 50,000 रुपये या सिर्फ 3,500 रुपये रह गई होगी। वर्ष 2021 के बाद से कई लोकप्रिय आईपीओ का ऐसा ही हाल हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार प्रचार, महंगा मूल्यांकन, कमजोर व्यावसायिक मॉडल, अवास्तविक […]
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भारत को शहरी केंद्रों के करीब 95.1 करोड़ लोगों को जलवायु परिवर्तन अनुकूल आधारभूत ढांचा बनाने व सेवाएं मुहैया कराने के लिए 2050 तक 2.4 लाख करोड़ रुपये और 2070 तक 10.9 लाख करोड़ रुपये निवेश की जरूरत होगी। यह जानकारी विश्व बैंक की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। रिपोर्ट में कहा गया […]
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निर्यातकों ने अमेरिकी खरीदारों के साथ ऊंचे शुल्क को लेकर बातचीत शुरू कर दी है। भारत और अमेरिका के बीच 1 अगस्त से पहले अंतरिम व्यापार समझौता नहीं हो पाया तो भारत को अमेरिका में 26 फीसदी जवाबी शुल्क का सामना करना पड़ सकता है। यही वजह है कि निर्यातक अमेरिकी आयातकों से इस पर बात […]
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दिवाला और धनशोधन संहिता (आईबीसी) ने वर्ष 2016 की स्थापना से अभी तक 26 लाख करोड़ रुपये के कुल ऋणों का निपटान किया है। क्रिसिल रेटिंग्स के विश्लेषण के मुताबिक के मुताबिक 12,000 हजार फंसे हुए कर्जदाताओँ के 12 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का प्रत्यक्ष निपटान किया गया है। लिहाजा यह चूक करने वाले […]
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अगर बाजार नियामक का नया वर्गीकरण ढांचा अंतिम रूप ले लेता है तो इक्विटी म्युचुअल फंडों (एमएफ) की योजनाएं जल्द ही सोने और चांदी में भी निवेश कर सकती हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इससे फंड मैनेजरों को अनिश्चितता के दौर में बाजार के उतार-चढ़ाव से निपटने में ज्यादा लचीलापन मिलेगा जबकि कुछ […]
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निजी क्षेत्र के बैंकों के पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2025) के परिणाम दिखाते हैं कि तमाम बैंकों में स्लिपेज यानी फिसलन बढ़ी है। यहां स्लिपेज से तात्पर्य है ऋण लौटाने में चूक की संभावना बनना। यह बात भी ध्यान देने लायक है कि कुछ बैंकों के अनुसार असुरक्षित ऋण और कृषि क्षेत्र से दबाव उत्पन्न हो […]
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किसी अन्य देश की तरह ही भारत भी वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ वस्तुओं, सेवाओं और वित्तीय आदान-प्रदान के माध्यम से जुड़ता है। भारत ने सेवा और वित्तीय क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया है और अब इसके पास वैश्विक वस्तु व्यापार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभरने का मौका है। इसके कारण भारत की […]
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आर्बिट्राज का अर्थ होता है एक ही समय में किसी परिसंपत्ति को अलग-अलग बाजारों में खरीदना और बेचना ताकि कीमतों में अंतर का लाभ उठाया जा सके। आर्बिट्राज अलग-अलग बाजारों में एक ही परिसंपत्ति की कीमतों को करीब लाने में मदद करता है जिससे वित्तीय बाजारों को अधिक कुशल बनाने में मदद मिलती है। दूसरी […]
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