facebookmetapixel
बजट का असर, इन 3 सेक्टर्स पर मॉर्गन स्टेनली ‘ओवरवेट’Budget में UPI और रुपे के लिए ₹2,000 करोड़ का फंड, ग्राहकों के लिए जीरो MDR आगे भी रहेगी जारीBudget 2026: स्टार्टअप्स-MSME के लिए ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड, डिजिटल व्यापार पर फोकसOpening Bell: कमजोर शुरुआत के साथ हरे निशान में लौटा बाजार, सेंसेक्स 200 अंकों से ज्यादा उछलाबजट में उद्योगों को बढ़ावा देने पर सारा जोर, मगर बुनियादी सुधारों का अब भी इंतजारनतीजों के बाद बजाज ऑटो के शेयर पर मचा घमासान, खरीदें या रुकें? जानें ब्रोकरेज की रायBudget 2026: आत्मविश्वास से भरपूर, मगर भविष्य की चिंताओं को लेकर सतर्कसीमा शुल्क में बड़े बदलावों की कमी, क्या टुकड़ों में सुधारों से मिलेगी विनिर्माण को गति?Editorial: चुनौतीपूर्ण समय का बजट — संतुलित घाटा और सर्विस सेक्टर से विकास की उम्मीदमझोले व छोटे शहरों के लिए ₹5,000 करोड़ का फंड, आर्थिक क्षेत्रों के रूप में विकसित होंगे शहर

प्रिस्टिन केयर दोगुनी करेगी आय, विस्तार पर नजर

कंपनी का यह दावा ऐसे वक्त में आया है जब मरीजों ने उसपर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं।

Last Updated- September 24, 2023 | 10:55 PM IST
Retail Stocks to Buy

चुनिंदा सर्जरी की विशेषज्ञ हेल्थेटक यूनिकॉर्न प्रिस्टिन केयर (Pristine Care) का लक्ष्य अगले वित्त वर्ष में अपनी आय दोगुना करने का है। कंपनी अपने मार्जिन में सुधार करते हुए विस्तार पर ध्यान दे रही जिससे कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025 में उसका राजस्व 2,000 करोड़ रुपये हो जाएगा। फिलहाल 1,100 करोड़ रुपये के राजस्व वाली कंपनी का ध्यान वित्त वर्ष 2025 तक लाभ कमाने का है।

प्रिस्टिन केयर के सह संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी हरसिमरबीर सिंह ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘सामूहिक स्तर पर फिलहाल हमारा राजस्व 1,100 करोड़ रुपये है। हम इसे अगले वित्त वर्ष में 2,000 करोड़ रुपये करेंगे और वित्त वर्ष 2025-26 में 4,000 करोड़ रुपये करेंगे।’

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027 तक सूचीबद्ध होने की हमारी योजना है। कंपनी का यह दावा ऐसे वक्त में आया है जब मरीजों ने उसपर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद कंपनी की काफी आलोचना भी हुई और विवादों में आ गई। मरीजों ने दावा किया था कि कंपनी ने अधिक कमाई के लिए उन्हें सर्जरी कराने पर मजबूर किया था।

गुरुग्राम की स्टार्टअप कंपनी के पीक15 पार्टनर्स (पूर्व में सिकोया कैपिटल इंडिया) और टाइगर ग्लोबल जैसे निवेशक हैं। मई के महीने में मुंबई की एक 47 वर्षीय बैंक कर्मचारी और सिंगल मदर अमिता पंचाल की मृत्यु के बाद कंपनी की काफी आलोचना हुई थी। मिंट की खबर के अनुसार, गलत सर्जरी और उसके बाद आवश्यक सुधारात्मक सर्जरी में देरी के कारण उनकी जान चली गई।

इस घटना से कंपनी के वेंचर कैपिटल द्वारा वित्तपोषित स्वास्थ्य सेवा डिलिवरी मॉडल को लेकर चिंता बढ़ गई। आलोचकों का कहना था कि कंपनी अपनी कमाई बढ़ाने के लिए मरीजों को जरूरत से ज्यादा दवाएं देने और जबरन सर्जरी के लिए दबाव डालती है।

मगर, सिंह ने जबरन सर्जरी के लिए दबाव डालने के आरोप से सिरे से नकार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘हम हर दिन 36 हजार मरीजों से बात करते हैं, जिनमें से 18 हजार नए मरीज रहते हैं। हम रोजाना करीब 1,200 परामर्श देते हैं और महज 200-300 सर्जरी होती हैं। अनुपात बहुत कम है। सर्जरी में जबरदस्ती करने का कोई सवाल ही नहीं है।’

सिंह का कहना है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रिस्टिन ने लगभग दो लाख सर्जरी की हैं, जिनमें से 8 से 10 मामलों में ही मरीजों की जान गई है। इससे मृत्यु दर लगभग 0.005 फीसदी होगी।

First Published - September 24, 2023 | 10:40 PM IST

संबंधित पोस्ट