facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

Israel-Hamas War: गाजा संकट गहराने का असर दिखना बाकी-क्रिस्टोफर वुड

वुड का मानना है कि गाजा में नहीं जाने के लिए इजरायल पर पर्दे के पीछे से दबाव बनाया जा रहा है, चाहे यह अमेरिका, रियाद या कहीं से भी हो।

Last Updated- November 28, 2023 | 5:05 PM IST
Christopher Wood

जेफरीज (Jefferies) में इक्विटी स्ट्रैटजी के वैश्विक प्रमुख क्रिस्टोफर वुड (Christopher Wood) ने निवेशकों को भेजी अपनी साप्ताहिक रिपोर्ट ‘ग्रीड ऐंड फियर’ (GREED & fear) में कहा है कि वैश्विक वित्तीय बाजारों पर इजरायल-फिलिस्तीन टकराव में तेजी आने का पूरा असर अभी नहीं दिखा है।

उनके अनुसार, वित्तीय बाजार के नजरिये से पश्चिम एशिया (Middle East) में मौजूदा घटनाक्रम के बारे में जरूरी बात यह है कि गाजा पर जमीनी हमले की चर्चाएं तेज होने के बावजूद अभी इस तरह के हमले नहीं हुए हैं।

वुड ने कहा है, ‘अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा सऊदी अरब से लगातार चुप्पी है, जिससे ग्रीड ऐंड फियर ने यह माना है कि सऊदी नेता प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान नहीं चाहते कि सऊदी अर्थव्यवस्था के विकास के लिए उनकी योजना फिलिस्तीन मामले से प्रभावित हो।’

ऐसे कारणों की वजह से वुड का मानना है कि गाजा में नहीं जाने के लिए इजरायल पर पर्दे के पीछे से दबाव बनाया जा रहा है, चाहे यह अमेरिका, रियाद या कहीं से भी हो।

इस बीच रिपोर्टों से पता चला है कि इजरायल ने अपने सैनिकों से किसी भी समय गाजा में प्रवेश करने के लिए तैयार रहने को कहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी पश्चिम एशिया में बढ़ रहे तनाव को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को एक विश्वव्यापी सतर्कता अलर्ट जारी किया।

तेल में उबाल

इन घटनाक्रमों की वजह से कच्चे तेल की कीमतें तेजी से चढ़ी हैं। तेल कीमतें मौजूदा समय में 94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं, जो एक पखवाड़े पहले के 84 डॉलर से करीब 12 प्रतिशत की तेजी है।

बढ़ते बॉन्ड प्रतिफल (खासकर अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल, जो 5 प्रतिशत के साथ 16 वर्ष की ऊंचाई पर पहुंच गया) के साथ साथ केंद्रीय बैंक की सख्त नीतियों ने भारत और विभिन्न वैश्विक इक्विटी बाजारों की धारणा को सतर्क बना दिया है।

मौजूदा हालात में ‘इंतजार करो और देखो’का नजरिया की सलाह

मौजूदा हालात में विश्लेषकों ने निवेशकों को तब तक फिलहाल ‘इंतजार करो और देखो’का नजरिया अपनाने की सलाह दी है, जब तक कि पश्चिम एशिया में घटनाक्रम पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती।

कोटक अल्टरनेट ऐसेट मैनेजर्स में मुख्य निवेश रणनीतिकार जितेंद्र गोहिल ने निवेशकों को मिडकैप और स्मॉलकैप प्रतिस्पर्धियों के बजाय लार्जकैप से जुड़े रहने और गिरावट पर खरीदने की रणनीति अपनाने का सुझाव दिया है।

First Published - October 20, 2023 | 9:38 PM IST

संबंधित पोस्ट