facebookmetapixel
Advertisement
क्या आपके फोन में भी आया तेज सायरन वाला मैसेज? सरकार ने क्यों किया ऐसा टेस्टAvro India का बड़ा धमाका: 1 शेयर के बदले मिलेंगे 10 शेयर, जानें स्टॉक स्प्लिट की पूरी डिटेलRBI में बड़ा बदलाव! रोहित जैन बने नए डिप्टी गवर्नर, 3 साल तक संभालेंगे अहम जिम्मेदारीनिवेशकों की लॉटरी! हर 1 शेयर पर 6 बोनस शेयर देगी अलका इंडिया, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेBNPL vs Credit Card: अभी खरीदें बाद में चुकाएं या कार्ड से खर्च? एक गलत फैसला बना सकता है आपको कर्जदारDividend Stocks: एक शेयर पर ₹270 तक कमाई का मौका! अगले हफ्ते 12 कंपनियों देंगी डिविडेंड, लिस्ट जारीIndia Inc के विदेशी सौदे फेल? अरबों खर्च के बाद भी नहीं मिला मुनाफा, निवेशक रह गए मायूसनिवेशकों की चांदी! इन 10 स्मॉल कैप कंपनियों ने अप्रैल में दिया बंपर रिटर्न, रिकवरी देख एक्सपर्ट्स भी हैरानUS-Iran War: डेडलाइन से पहले ट्रंप का खेल! युद्ध खत्म बताकर कांग्रेस की मंजूरी से बचने की कोशिशअप्रैल में EV बाजार कमजोर, लेकिन ओला इलेक्ट्रिक का जलवा बरकरार, बिक्री में जबरदस्त उछाल

ED की कार्रवाई से बैंकों को मिले 15,000 करोड़ रुपये

Advertisement

वित्त मंत्रालय के अनुसार पिछले दो वित्त वर्ष में वाणिज्यिक बैंकों में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) खातों की संख्या 2.19 करोड़ से घटकर 2.06 करोड़ हो गई है।

Last Updated- December 05, 2023 | 9:47 PM IST
Enforcement Directorate

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धनशोधन रोकथाम कानून के तहत कार्रवाई करते हुए 15,186.64 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है तथा इनमें से लगभग पूरी राशि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को लौटा दी गई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि 31 मार्च, 2023 तक 13,978 ऋण खातों के खिलाफ वसूली के लिए कानूनी मुकदमे दायर किए गए, जबकि 11,483 मामलों में ‘सरफेसी’ कानून के तहत कार्रवाई शुरू की गई है, वहीं 5,674 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई है और कुल 33,801 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार पिछले दो वित्त वर्ष में वाणिज्यिक बैंकों में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) खातों की संख्या 2.19 करोड़ से घटकर 2.06 करोड़ हो गई है। इस अवधि के दौरान ऐसे खातों का कुल बकाया (सकल एनपीए) 7.41 लाख करोड़ रुपये से घटकर 5.72 लाख करोड़ रुपये रह गया।

वित्त मंत्री ने कहा कि सभी वाणिज्यिक बैंकों के लिए शुद्ध एनपीए अनुपात 2017-18 में 5.94 प्रतिशत था, जो 2022-23 में घटकर 0.95 प्रतिशत रह गया है। राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों के मामले में शुद्ध एनपीए 2017-18 में 5.94 प्रतिशत था, जो अब घटकर 1.24 प्रतिशत रह गया है।

ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को नोटिस

वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 के दौरान 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कथित जीएसटी चोरी के लिए ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को 71 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। चूंकि ये नोटिस निर्णय के लिए लंबित हैं और संबंधित जीएसटी मांग अभी तक सीजीएसटी अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के तहत निर्धारित नहीं की गई है।

Advertisement
First Published - December 5, 2023 | 9:47 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement