facebookmetapixel
सुकन्या समृद्धि योजना के 11 साल पूरे! कैसे इसकी मदद से आप अपनी बेटी के लिए ₹72 लाख का फंड बना सकते हैं?Budget 2026: मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस से लेकर MSME तक; उद्योग जगत इस साल के बजट से क्या चाहता है?Cipla Q3FY26 Results: मुनाफा 57% घटकर ₹676 करोड़, अमेरिकी कारोबार में कमजोरी से झटका; शेयर 3.7% फिसलेZerodha के इस म्युचुअल फंड से अब मिनटों में निकाल सकेंगे पैसा, शुरू हुई 24×7 इंस्टेंट विदड्रॉल सुविधाअदाणी स्टॉक्स में बड़ी गिरावट, अमेरिका से आई खबर ने मचाई खलबली; 9% तक लुढ़केगौतम अदाणी पर अमेरिकी शिकंजा: समन न पहुंचा तो SEC ने अदालत से मांगी वैकल्पिक अनुमतिगोल्ड सिल्वर रेशियो ने दिया संकेत, क्या चांदी की तेजी अब थकने वाली है? एक्सपर्ट्स से समझिए42% चढ़ सकता है महारत्न कंपनी का शेयर, ब्रोकरेज ने बढ़ाया टारगेट; Q3 में ₹4011 करोड़ का हुआ मुनाफाईरान की ओर बढ़ रहा है ‘विशाल सैन्य बेड़ा’, ट्रंप ने तेहरान को फिर दी चेतावनीदुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत

वाहन कंपनियों की बढ़ी चिंता! अगस्त में 5% घटी कारों की बिक्री…इन्वेंट्री में हुआ इजाफा, जानें क्या है वजह

अगस्त के दौरान देशभर में कुल 309,053 यात्री वाहन (Passenger Vehicles) का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि अगस्त 2023 में यह संख्या 323,720 थी।

Last Updated- September 05, 2024 | 11:28 AM IST
car loan

Car Sales in August: देश में गाड़ियों की बिक्री में कमी से वाहन कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। भारत में यात्री वाहन की रिटेल बिक्री में अगस्त में सालाना आधार पर पांच प्रतिशत घट गई। उद्योग संगठन फाडा (FADA) ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

फाड़ा की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में कुल 309,053 यात्री वाहन (Passenger Vehicles) का रजिस्ट्रेशन हुआ, जबकि अगस्त 2023 में यह संख्या 323,720 थी।

कारों की बिक्री में कमी का कारण?

बता दें कि ग्राहक खरीद में देरी समेत उपभोक्ताओं के खराब सेंटीमेंट और लगातार भारी बारिश के कारण देश में कारों की बिक्री अगस्त में घटी है।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने बयान में कहा, ‘‘ त्यौहारी मौसम के बावजूद बाजार पर काफी दबाव बना हुआ है… वाहन अब 70-75 दिन तक गोदाम में रखे रहते हैं… और ‘इन्वेंट्री’ कुल 7.8 लाख वाहनों की है, जिसका मूल्य 77,800 करोड़ रुपये है।’’

उन्होंने कहा कि स्थिति पर प्रतिक्रिया देने के बजाय, पी.वी. मूल उपकरण निर्माता (OEM) मासिक आधार पर डीलर को भेजे जाने वाले सामानों की संख्या में वृद्धि कर रहे हैं, जिससे समस्या और भी गंभीर हो रही है।

सिंघानिया ने कहा, ‘‘ फाडा सभी बैंकों तथा एनबीएफसी से तत्काल हस्तक्षेप करने और अत्यधिक ‘स्टॉक’ रखने वाले डीलर को दिए जाने वाले फाइनेंस को नियंत्रित करने का आग्रह करता है।’’ उन्होंने कहा कि इन डीलर को भी अपनी वित्तीय स्थिति की रक्षा के लिए अतिरिक्त ‘स्टॉक’ रखना बंद करने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

First Published - September 5, 2024 | 11:24 AM IST

संबंधित पोस्ट