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DeepSeek की हलचल के बीच OpenAI ने लॉन्च किया ChatGPT का ‘Deep Research’ टूल; ये है खासियत

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OpenAI, जिसने 2022 में अपने ChatGPT के जरिए जनरेटिव AI को ग्लोबल लेवल पर पॉपुलर बनाया था, अब "Deep Research" के साथ एक कदम आगे बढ़ चुका है।

Last Updated- February 03, 2025 | 1:00 PM IST
Free ChatGPT Go plan
Representative image

AI के सेक्टर में बड़ी हलचल मच गई है। अमेरिका की टेक कंपनी OpenAI ने सोमवार को अपना नया ChatGPT टूल “Deep Research” लॉन्च किया। यह लॉन्च टोक्यो में होने वाली हाई-लेवल मीटिंग्स से पहले किया गया है। इस बीच, चीन का नया AI चैटबॉट DeepSeek भी जबरदस्त चर्चा में है और सिलिकॉन वैली में तेज़ी लाने के दबाव बढ़ा रहा है।

DeepSeek ने मचाया हड़कंप, कम लागत में हाई परफॉर्मेंस

चीन के DeepSeek ने अपनी तेज़ स्पीड और किफायती मॉडल से अमेरिकी AI डेवलपर्स को चिंतित कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई AI तकनीक ने OpenAI जैसे बड़े खिलाड़ियों को और तेज़ी से इनोवेशन करने के लिए प्रेरित किया है।

OpenAI का दावा: घंटों का काम मिनटों में

OpenAI, जिसने 2022 में अपने ChatGPT के जरिए जनरेटिव AI को ग्लोबल लेवल पर पॉपुलर बनाया था, अब “Deep Research” के साथ एक कदम आगे बढ़ चुका है। कंपनी के मुताबिक, ये टूल वो काम मिनटों में कर सकता है, जिसे करने में इंसानों को घंटों लग जाते हैं।
OpenAI ने अपने बयान में कहा, “Deep Research OpenAI का अगला बड़ा एजेंट है, जो आपके दिए गए प्रॉम्प्ट पर काम करते हुए वेब से सैकड़ों सोर्सेस की जानकारी जुटाएगा, उन्हें एनालाइज करेगा और एक रिसर्च एनालिस्ट के लेवल की रिपोर्ट तैयार करेगा।”

OpenAI का नया AI एजेंट ‘Deep Research’: क्या है इसकी खासियत?

OpenAI ने हाल ही में एक नया AI एजेंट Deep Research लॉन्च किया है, जो इंटरनेट पर उपलब्ध विभिन्न सोर्सेज से जानकारी जुटाकर एक डीटेल रिपोर्ट तैयार कर सकता है। ये AI एजेंट किसी भी विषय पर यूजर द्वारा दिए गए इनपुट को लेकर गहराई से रिसर्च करता है और सटीक नतीजे देता है।

AI एजेंट्स को ऐसे एडवांस सिस्टम्स माना जाता है, जो बिना ज्यादा मैन्युअल गाइडेंस के मल्टी-स्टेप टास्क पूरे कर सकते हैं। Deep Research सिर्फ टेक्स्ट ही नहीं, बल्कि इमेज, ऑडियो और अन्य फॉर्मेट्स से भी डेटा कलेक्ट करता है, ताकि हर एंगल से पूरी और भरोसेमंद जानकारी दी जा सके।
इसका उपयोग यूजर्स के लिए उन जटिल विषयों पर भी आसान रिपोर्ट बनाने में मदद करेगा, जिनके लिए आमतौर पर गहराई से अध्ययन की जरूरत होती है।

हालांकि, ये OpenAI का पहला AI एजेंट नहीं है। इससे पहले कंपनी ने Operator एजेंट लॉन्च किया था, जो फ्लाइट टिकट बुकिंग, ग्रॉसरी ऑर्डर जैसी वेब-बेस्ड टास्क्स को हैंडल करता है। वहीं, Google भी अपने AI चैटबॉट Gemini के लिए एक “Deep Research” टूल ऑफर करता है, जो यूजर्स की ओर से वेब पर जानकारी को एनालाइज करता है।

कैसे काम करता है Deep Research?

OpenAI का Deep Research एजेंट अपकमिंग OpenAI o3 मॉडल पर बेस्ड है, जिसे खासतौर पर वेब ब्राउजिंग और डेटा एनालिसिस के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है। ये एजेंट टेक्स्ट, इमेजेस और PDFs को इंटरनेट से खोजने, समझने और एनालाइज करने की क्षमता रखता है।
यूजर्स ChatGPT के मैसेज कंपोजर में ‘deep research’ ऑप्शन को सिलेक्ट करके अपनी क्वेरी डाल सकते हैं। वे जरूरत के अनुसार फाइल्स या स्प्रेडशीट भी अटैच कर सकते हैं ताकि एजेंट को बैकग्राउंड जानकारी मिल सके। जैसे ही रिसर्च प्रोसेस शुरू होता है, स्क्रीन पर एक साइडबार खुलता है जिसमें स्टेप्स और सोर्सेज की समरी दिखाई देती है। OpenAI का कहना है कि रिसर्च की जटिलता के आधार पर ये प्रोसेस 5 से 30 मिनट तक का समय ले सकता है।

OpenAI का नया AI एजेंट से जुड़ी जरूरी बातें-

रिपोर्ट्स में नया क्या है?

OpenAI ने बताया है कि उसका Deep Research AI अब सीधे चैट में रिपोर्ट्स दिखाएगा। जल्द ही इन रिपोर्ट्स में इमेज, डेटा ग्राफ और अन्य एनालिटिक्स भी जोड़े जाएंगे, जिससे जानकारी को समझना आसान होगा और बेहतर संदर्भ मिलेगा।

क्या हैं कमियां?

OpenAI ने माना कि Deep Research AI अभी शुरुआती दौर में है और कभी-कभी गलत जानकारी दे सकता है या गलत निष्कर्ष पर पहुंच सकता है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि यह गलतियां मौजूदा ChatGPT मॉडल्स से कम हैं। लेकिन अभी भी यह सही जानकारी और अफवाहों में फर्क करने में मुश्किल महसूस करता है।

किसे मिलेगा एक्सेस?

फिलहाल Deep Research AI का नया वर्जन सिर्फ Pro-tier यूजर्स के लिए उपलब्ध है, जिसमें हर महीने 100 क्वेरीज की लिमिट होगी। इसके बाद इसे Plus और Team सब्सक्राइबर्स को भी दिया जाएगा और फिर एंटरप्राइज यूजर्स तक पहुंचाया जाएगा।

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First Published - February 3, 2025 | 1:00 PM IST

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