मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने भारत के खास लग्जरी वैन सेगमेंट में शुरुआती कीमत कम करने के लिए स्थानीय असेंबलिंग का विकल्प चुना है। कंपनी ने वी-क्लास को 1.4 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) में पेश किया है और 2 करोड़ रुपये के स्तर से नीचे आ गई है।
वी-क्लास को भारत में असेंबल किया जाएगा, जिससे कंपनी ‘पूरी तरह से निर्मित यूनिट्स’ (सीबीयू) से जुड़े ज्यादा आयात शुल्क से बच सकेगी और मुद्रा के उतार-चढ़ाव का असर भी कम हो सकेगा। मर्सिडीज-बेंज की योजना स्थानीयकरण को धीरे-धीरे बढ़ाने की है, जो आखिर में 30 फीसदी तक पहुंच जाएगा। कंपनी ने कहा कि इससे मॉडल में ज्यादा लागत स्थिरता देखने को मिलेगी।
मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी संतोष अय्यर ने कहा, ‘हम इस कीमत बिंदु तक इसलिए पहुंच पाए हैं क्योंकि वी-क्लास को भारत के लिए स्थानीय तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। इस सेगमेंट में ज्यादातर वाहन पूरी तरह से बने हुए यूनिट यानी सीबीयू के तौर पर आयात किए जाते हैं, जिससे कीमतें ज्यादा रहती हैं। स्थानीयकरण ने हमें भारत के लिए खास कॉन्फ़िगरेशन डेवलप करने में भी मदद की है, जबकि इसे टॉप एंड पर रखा है और बाजार के हिसाब से ज्यादा सही कीमत पर भी रखा है।’
भारत में लग्जरी वैन सेगमेंट सीमित है। उद्योग के अनुमान के मुताबिक सालाना बिक्री लगभग 1,800-2,000 वाहन है। अधिकारियों ने कहा कि यह अनुमान व्यापक प्रीमियम और लग्जरी पीपल-मूवर सेगमेंट में तेजी को दर्शाता है।