facebookmetapixel
Advertisement
पश्चिम एशिया में जंग से दहला दलाल स्ट्रीट: सेंसेक्स 1048 अंक टूटा, निवेशकों के ₹6.6 लाख करोड़ डूबेभारतीय चाय पर ईरान संकट का साया: भुगतान अटके और शिपमेंट पर लगी रोक, निर्यातकों की बढ़ी चिंताकपड़ा उद्योग पर युद्ध की मार: पश्चिम एशिया के ऑर्डर अटके, तिरुपुर और सूरत के निर्यातकों की बढ़ी चिंताहोर्मुज संकट के बीच भारत ने खोला अपना ‘प्लान बी’: अमेरिका और अफ्रीका से कच्चा तेल मंगाने की तैयारीखाड़ी देशों में फंसे भारतीय विमानों की घर वापसी शुरू, 357 उड़ानें रद्द होने के बाद शुरू हुआ परिचालनपश्चिम एशिया में जंग के बीच PM मोदी ने इजरायल और खाड़ी देशों के नेताओं से की बातसुनील भारती मित्तल को ‘GSMA लाइफटाइम अचीवमेंट’ सम्मान, बार्सिलोना में वैश्विक दिग्गजों ने सराहाएयर इंडिया एक्सप्रेस में होगा नेतृत्व परिवर्तन: MD का पद छोड़ेंगे आलोक सिंह, कार्यकाल 19 मार्च को खत्म36 महारत्न व नवरत्न कंपनियों में न्यूनतम स्वतंत्र निदेशक नहीं, कॉरपोरेट गवर्नेंस में बड़ी खामियांकनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा: 8 समझौतों पर हस्ताक्षर, CEPA को जल्द अंतिम रूप देने पर बनी सहमति

मर्सिडीज-बेंज की वी-क्लास अब भारत में होगी असेंबल, ₹1.4 करोड़ की शुरुआती कीमत के साथ हुई लॉन्च

Advertisement

वी-क्लास को भारत में असेंबल किया जाएगा, जिससे कंपनी ‘पूरी तरह से निर्मित यूनिट्स’ (सीबीयू) से जुड़े ज्यादा आयात शुल्क से बच सकेगी और मुद्रा के उतार-चढ़ाव का असर भी कम हो सकेगा

Last Updated- March 02, 2026 | 10:42 PM IST
Mercedes
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने भारत के खास लग्जरी वैन सेगमेंट में शुरुआती कीमत कम करने के लिए स्थानीय असेंबलिंग का विकल्प चुना है। कंपनी ने वी-क्लास को 1.4 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) में पेश किया है और 2 करोड़ रुपये के स्तर से नीचे आ गई है।

वी-क्लास को भारत में असेंबल किया जाएगा, जिससे कंपनी ‘पूरी तरह से निर्मित यूनिट्स’ (सीबीयू) से जुड़े ज्यादा आयात शुल्क से बच सकेगी और मुद्रा के उतार-चढ़ाव का असर भी कम हो सकेगा। मर्सिडीज-बेंज की योजना स्थानीयकरण को धीरे-धीरे बढ़ाने की है, जो आखिर में 30 फीसदी तक पहुंच जाएगा। कंपनी ने कहा कि इससे मॉडल में ज्यादा लागत स्थिरता देखने को मिलेगी।

मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी संतोष अय्यर ने कहा, ‘हम इस कीमत बिंदु तक इसलिए पहुंच पाए हैं क्योंकि वी-क्लास को भारत के लिए स्थानीय तौर पर बढ़ावा दिया जा रहा है। इस सेगमेंट में ज्यादातर वाहन पूरी तरह से बने हुए यूनिट यानी सीबीयू के तौर पर आयात किए जाते हैं, जिससे कीमतें ज्यादा रहती हैं। स्थानीयकरण ने हमें भारत के लिए खास कॉन्फ़िगरेशन डेवलप करने में भी मदद की है, जबकि इसे टॉप एंड पर रखा है और बाजार के हिसाब से ज्यादा सही कीमत पर भी रखा है।’

भारत में लग्जरी वैन सेगमेंट सीमित है। उद्योग के अनुमान के मुताबिक सालाना बिक्री लगभग 1,800-2,000 वाहन है। अधिकारियों ने कहा कि यह अनुमान व्यापक प्रीमियम और लग्जरी पीपल-मूवर सेगमेंट में तेजी को दर्शाता है।   

Advertisement
First Published - March 2, 2026 | 10:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement