facebookmetapixel
Advertisement
ईरान युद्ध का असर: भारत का ₹40,000 करोड़ का मेवा आयात कारोबार दबाव में, कीमतों में उछालक्या खत्म हो गया महंगे हथियारों का दौर? यूक्रेन-ईरान की जंग ने कैसे बदल दिया हथियार बनाने का पूरा खेलईरान युद्ध के बीच 4 लाख मीट्रिक टन भारतीय बासमती चावल बंदरगाहों पर फंसा, निर्यात पर बड़ा असरअर्थव्यवस्था से लेकर महंगाई, स्टॉक मार्केट और आयात-निर्यात तक; US Iran युद्ध का भारत पर क्या पड़ेगा असर?US-Iran Conflict: ईरान में भारतीयों को घर में रहने की सलाह, दूतावास ने जारी की नई एडवाइजरी8th Pay Commission: ₹1000 से ₹20,000 होगा FMA? कर्मचारियों ने सरकार के सामने रखीं ये बड़ी शर्तेंफ्यूचर्स में कोई समस्या नहीं, शॉर्ट-टर्म ऑप्शंस पर चिंता: SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडेयsoyabean production: सोपा ने सोयाबीन उत्पादन अनुमान बढ़ाया, महाराष्ट्र ने छीना मध्य प्रदेश से सोया स्टेट का दर्जाUS-Israel-Iran War: ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ से मचा हड़कंप, ट्रंप बोले अब चुप नहीं बैठेगा अमेरिकाडैन बेली बने जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रेसिडेंट, अंतरराष्ट्रीय कारोबार की संभालेंगे जिम्मेदारी

वेस्टर्न डिजिटल का दावा: भारत बनेगा ग्लोबल डेटा हब, अगले कुछ वर्षों में दोगुनी होगी डेटा सेंटर्स की क्षमता

Advertisement

वेस्टर्न डिजिटल का मानना है कि एआई और हाइपरस्केलर्स के बढ़ते प्रभाव के कारण भारत में डेटा सेंटर की क्षमता दोगुनी होने वाली है, जिससे स्टोरेज बिजनेस में जबरदस्त तेजी आएगी

Last Updated- March 02, 2026 | 10:41 PM IST
data centre
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वेस्टर्न डिजिटल में भारत, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के लिए बिक्री निदेशक ओवैस मोहम्मद का कहना है कि भारत दुनिया भर में उन कुछ प्रमुख बाजारों में से एक रहेगा, जो अगले कुछ वर्षों के दौरान स्टोरेज और डेटा सेंटर व्यवसाय में शानदार वृद्धि दर्ज करेंगे।

उनका मानना है कि डेटा केंदों के लिए भारत में कुल क्षमता अगले कुछ वर्षों के दौरान दोगुनी हो जाने का अनुमान है और इस क्षेत्र में कुछ समय तक दो अंक की वृद्धि बरकरार रहेगी।  मोहम्मद ने कहा कि वृद्धि में बड़ा योगदान दिग्गज तकनीकी कंपनियों का रहा है, जिनकी वजह से फ्लैश और हार्ड डिस्क ड्राइव (एचडीडी) दोनों सेगमेंट में कमी आई है।

उन्होंने कहा, ‘हाइपरस्केलर पूर्व निर्धारित क्षमता विस्तार को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि एआई लंबे समय तक चलने वाले डेटा, ट्रेनिंग सेट, मॉडल वर्सन, इन्फरेंस लॉग और कंप्लायंस आर्काइव की लगातार मांग पैदा कर रहा है, जो जल्द डिलीट नहीं होते। इसका मतलब है कि ज्यादा क्षमता वाले नियरलाइन ड्राइव को तेजी से अपनाया जा रहा है और अगली पीढ़ी की टेक्नॉलजी में दिलचस्पी बढ़ी है, क्योंकि वे एक्जाबाइट स्केल पर स्टोरेज बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।’

डब्ल्यूडी के तौर पर रीब्रांडेड वेस्टर्न डिजिटल ने पिछली तिमाही में अपने 32 टीबी नियरलाइन एचडीडी की 35 लाख यूनिट भेजीं। इस साल यह आंकड़ा 40 लाख पर पहुंचने की संभावना है।

Advertisement
First Published - March 2, 2026 | 10:41 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement