facebookmetapixel
अजित पवार का 66 साल की उम्र में निधन: 1991 में पहली बार जीता लोकसभा चुनाव, समर्थकों में ‘दादा’ के नाम से लोकप्रियIndia-EU ट्रेड डील पर मार्केट का मिक्स्ड रिएक्शन! ब्रोकरेज क्या कह रहे हैं?Budget Expectations: बजट में बड़ा ऐलान नहीं, फिर भी बाजार क्यों टिका है इन सेक्टरों परBudget 2026: राष्ट्रपति ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, कहा – EU से डील सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को देगा रफ्तारShadowfax Tech IPO Listing: निवेशकों को झटका, 9% डिस्काउंट के साथ 113 रुपये पर लिस्ट हुए शेयरAsian paints share: कमजोर नतीजों से ब्रोकरेज निराश, रेटिंग और टारगेट डाउनग्रेड; निवेशकों के लिए क्या संकेत?Auto Sector: CV से लेकर टू व्हीलर तक बूम का अनुमान, नुवामा के टॉप पिक में ये 3 स्टॉक सबसे आगेविमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत, पीएम मोदी ने असमय निधन पर जताया दुखGold, Silver Price Today: सारे रिकॉर्ड टूटे, सोना ₹1.62 लाख और चांदी ₹3.77 लाख के पारकंपनियां बॉन्ड छोड़ बैंकों की ओर क्यों लौटीं? SBI रिसर्च की रिपोर्ट में जानें

हाइब्रिड कारों को मिलती रहेगी रजिस्ट्रेशन टैक्स से छूट; उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया प्रोत्साहन का मकसद

सूत्रों ने बताया कि इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कुछ अन्य देशों का उदाहरण दिया, जहां इलेक्ट्रिक कारों को प्रोत्साहन दिया जाता है।

Last Updated- August 11, 2024 | 11:17 PM IST
हाइब्रिड कार निर्माताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा… पूरे करेंगे कर माफी के मानक, We meet all criteria for registration tax waiver: Hybrid carmakers

रविवार को भारत की प्रमुख कार विनिर्माताओं के साथ एक घंटे तक चली बैठक के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्लग इन और हाइब्रिड कारों पर मिलने वाली पंजीकरण कर छूट वापस लेने की उसकी कोई योजना नहीं है।

बैठक में मौजूद सरकार और उद्योग के सूत्रों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कंपनियों को बताया कि प्लग इन और हाइब्रिड कारों को प्रोत्साहन का मकसद पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों की बिक्री कम करनी है न कि इलेक्ट्रिक वाहनों की। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘पेट्रोल-डीजल वाली कार के बदले ग्राहक हाइब्रिड कार खरीदेगा।’

बीते 5 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार ने हाइब्रिड और प्लग इन कारों पर 8 से 10 फीसदी तक लगने वाले पंजीकरण कर को माफ करने का आदेश दिया था। इससे इन कारों की ऑन रोड कीमतों में 4 लाख रुपये तक की कमी आई। बैठक में 8 कंपनियों-टाटा मोटर्स, ह्युंडै, किआ, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, मारुति सुजूकी, टोयोटा, होंडा और बजाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।

बैठक के दौरान टाटा मोटर्स, ह्युंडै, किआ और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने 5 जुलाई के आदेश का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि भारत के सबसे बड़े कार बाजारों में से एक उत्तर प्रदेश में उभरते इलेक्ट्रिक कार उद्योग को पूरे ध्यान और समर्थन की जरूरत है।

उन्होंने चिंता जताई कि इस वक्त प्लग इन और हाइब्रिड कारों को प्रोत्साहित करने से इलेक्ट्रिक कार खंड पर भारी असर पड़ेगा। सूत्रों ने बताया कि इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कुछ अन्य देशों का उदाहरण दिया, जहां इलेक्ट्रिक कारों को प्रोत्साहन दिया जाता है।

First Published - August 11, 2024 | 11:17 PM IST

संबंधित पोस्ट