facebookmetapixel
NABARD का फोकस एग्री प्रोसेसिंग और रूरल MSME पर, मध्य प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज को मिलेगी प्राथमिकतामध्य प्रदेश में ग्रामीण विकास को लगेंगे पंख: नाबार्ड ने FY27 के लिए ₹3.75 लाख करोड़ के ऋण का दिया लक्ष्यNSE IPO को सेबी की हरी झंडी, मिला NoC; अप्रैल-मई में DRHP दाखिल होने की उम्मीददिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: दोबारा शादी के बाद भी नहीं रुकेगी सरकारी कर्मचारी के विधवा की पेंशन10 साल में SIP निवेश 7 गुना उछला, घरेलू बचत का रुख बैंक जमा से म्युचुअल फंड की ओरट्रंप का बड़ा दांव: केविन वॉर्श बनेंगे नए फेड चेयरमैन, जेरोम पॉवेल की जगह संभालेंगे अमेरिकी अर्थव्यवस्थासुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: मासिक धर्म स्वच्छता अब अनुच्छेद 21 के तहत जीवन का मौलिक अधिकारGold–Silver Price Crash: क्या 1980 जैसा होगा चांदी का हाल? 1 दिन में भाव ₹88,000 लुढ़के; निवेशक आगे खरीदें या बेचेंBajaj Auto Q3 Results: मुनाफा 10% उछलकर ₹2,749 करोड़ के पार, कमाई में भी जबरदस्त इजाफाUPI से गलत अकाउंट में भेज दिए पैसे? घबराएं नहीं, इन तरीकों से वापस मिल सकती है रकम!

हाइब्रिड कारों को मिलती रहेगी रजिस्ट्रेशन टैक्स से छूट; उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया प्रोत्साहन का मकसद

सूत्रों ने बताया कि इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कुछ अन्य देशों का उदाहरण दिया, जहां इलेक्ट्रिक कारों को प्रोत्साहन दिया जाता है।

Last Updated- August 11, 2024 | 11:17 PM IST
हाइब्रिड कार निर्माताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा… पूरे करेंगे कर माफी के मानक, We meet all criteria for registration tax waiver: Hybrid carmakers

रविवार को भारत की प्रमुख कार विनिर्माताओं के साथ एक घंटे तक चली बैठक के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्लग इन और हाइब्रिड कारों पर मिलने वाली पंजीकरण कर छूट वापस लेने की उसकी कोई योजना नहीं है।

बैठक में मौजूद सरकार और उद्योग के सूत्रों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कंपनियों को बताया कि प्लग इन और हाइब्रिड कारों को प्रोत्साहन का मकसद पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों की बिक्री कम करनी है न कि इलेक्ट्रिक वाहनों की। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘पेट्रोल-डीजल वाली कार के बदले ग्राहक हाइब्रिड कार खरीदेगा।’

बीते 5 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार ने हाइब्रिड और प्लग इन कारों पर 8 से 10 फीसदी तक लगने वाले पंजीकरण कर को माफ करने का आदेश दिया था। इससे इन कारों की ऑन रोड कीमतों में 4 लाख रुपये तक की कमी आई। बैठक में 8 कंपनियों-टाटा मोटर्स, ह्युंडै, किआ, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, मारुति सुजूकी, टोयोटा, होंडा और बजाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।

बैठक के दौरान टाटा मोटर्स, ह्युंडै, किआ और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने 5 जुलाई के आदेश का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि भारत के सबसे बड़े कार बाजारों में से एक उत्तर प्रदेश में उभरते इलेक्ट्रिक कार उद्योग को पूरे ध्यान और समर्थन की जरूरत है।

उन्होंने चिंता जताई कि इस वक्त प्लग इन और हाइब्रिड कारों को प्रोत्साहित करने से इलेक्ट्रिक कार खंड पर भारी असर पड़ेगा। सूत्रों ने बताया कि इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कुछ अन्य देशों का उदाहरण दिया, जहां इलेक्ट्रिक कारों को प्रोत्साहन दिया जाता है।

First Published - August 11, 2024 | 11:17 PM IST

संबंधित पोस्ट