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बैंक

बैंकों का सकल एनपीए 6 प्रतिशत से नीचे आया

बैंकिंग क्षेत्र की सकल गैर निष्पादित संपत्तियां (एनपीए) गिरकर मार्च 2022 में 6 प्रतिशत के नीचे आ गई हैं। यह 2016 के बाद का सबसे निचला स्तर है। इसके साथ ही शुद्ध एनपीए इस अवधि के दौरान गिरकर 1.7 प्रतिशत रह गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एम राजेश्वर ने आज कहा कि […]

लेख

फिनटेक कंपनियों से बैंकों को नहीं खतरा

खबरों के मुताबिक सरकार जल्दी ही 75 डिजिटल बैंक शुरू करने वाली है। परंतु अगर आप सोचते हैं कि ये नये बैंक पहले से मौजूद बैंकों को चुनौती देंगे तो आप गलत हैं। खुलने वाले बैंक डिजिटल बैंक हैं। वास्तव में यह मौजूद बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की डिजिटल योजनाओं को पेश […]

लेख

मुद्रास्फीति का असर

जनवरी-मार्च 2022 (वित्त वर्ष 2022 की अंतिम तिमाही) में 2,939 सूचीबद्ध कंपनियों (जिनकी न्यूनतम बिक्री एक करोड़ रुपये) के नतीजों से संकेत मिलता है कि आर्थिक वृद्धि जारी है लेकिन उच्च मुद्रास्फीति और कमजोर खपत और मांग जैसे चुनौतीपूर्ण पहलू भी हैं। तेल एवं गैस, रिफाइनिंग, बैंकिंग तथा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) जैसे अस्थिर […]

कंपनियां

मार्च तिमाही में लाभ 28 फीसदी बढ़ा, मगर वृद्धि‍ पहले से कम

बैंकिंग समेत तमाम क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन की बदौलत भारतीय कंपनियों का लाभ जनवरी-मार्च 2022 की तिमाही में 28 फीसदी बढ़ा है। मगर यह वृद्धि दिसंबर तिमाही में हुई 30 फीसदी बढ़ोतरी के मुकाबले कम है। इस नमूने में शामिल कंपनियों की शुद्धबिक्री में वृद्धिभी दिसंबर तिमाही की तुलना में कम रही। बिज़नेस स्टैंडर्ड के […]

लेख

आरबीआई की नरमी से बढ़ी फंसे हुए कर्ज की समस्या!

सन 1993 में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आय की पहचान, परिसंपत्ति वर्गीकरण और फंसे हुए कर्ज की प्रॉविजनिंग के लिए प्रूडेंशियल नॉर्म पेश किए थे, तब से फंसे हुए कर्ज ने बार-बार चरणबद्ध ढंग से व्यवस्था को परेशानी में डाला। नियामक ने इससे निजात पाने के लिए कई प्रयास किए और ताजा उदाहरण ऋणशोधन […]

लेख

आरबीआई भी चल पड़ा अन्य केंद्रीय बैंकों की राह पर

विश्लेषकों का मानना है कि जून में मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में नीतिगत दरों में एक और वृद्धि होगी। क्या नीतिगत दरों में 75 आधार अंक की वृद्धि होगी या भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जून और अगस्त में थोड़ी-थोड़ी वृद्धि कर ब्याज दर कोविड-19 महामारी से पूर्व के स्तर 5.15 प्रतिशत तक कर […]

अर्थव्यवस्था

उद्योग की वृद्घि में नरमी के संकेत

बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च तिमाही) के लिए कंपनियों के शुरुआती नतीजों से संकेत मिलता है कि आने वाली तिमाहियों में कारोबारी जगत की वृद्घि में नरमी देखी जा सकती है। बिज़नेस स्टैंडर्ड के नमूने में शामिल 81 कंपनियों के नतीजों में चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्घ बिक्री 15.1 फीसदी बढ़ी है, जो […]

बाजार

एफपीआई ने वित्तीय, वाहन क्षेत्र में घटाया निवेश

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मार्च 2022 में समाप्त वित्त वर्ष में बैंकिंग व वित्तीय शेयरों में निवेश मेंं काफी ज्यादा कटौती की है। एफपीआई ने हर तीन डॉलर में से एक (33.1 फीसदी) का निवेश बैंंकिंग व वित्तीय शेयरों में किया था। यह अब 430 आधार अंक घटकर मार्च 2022 के आखिर में 29.1 फीसदी […]

लेख

क्या इस सप्ताह रिवर्स रीपो में होगा इजाफा?

कई लोगों का मानना है कि 6 से 8 अप्रैल तक आयोजित मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक कोविड-19 महामारी फैलने के बाद सबसे महत्त्वपूर्ण बैठक होगी। केंद्रीय बजट के ठीक बाद फरवरी में समिति ने रीपो और रिवर्स रीपो दरें क्रमश: 4 प्रतिशत और 3.35 प्रतिशत के स्तर पर अपरिवर्तित रखी थीं। समिति ने […]

लेख

विदेशी बैंकों की मुश्किल

बीते कुछ वर्षों के दौरान विदेशी बैंकों ने भारत में अपने कारोबार को सीमित करने की प्रवृत्ति दिखाई है। ऐसे अधिकांश संस्थानों ने जहां संस्थागत और निवेश बैंकिंग के क्षेत्र में अपनी पहुंच बरकरार रखी है, वहीं उन्होंने खुदरा बैंकिंग से दूरी बनाई है। ऐसा करने वाला सबसे नया संस्थान है सिटीग्रुप जिसने नकद सौदे […]