परिवारों की आय में इजाफा मगर सतर्कता बरकरार
भारत में उपभोक्ताओं का मिजाज भांपने वाला सूचकांक अक्टूबर में सुधार का संकेत दे रहा है। सीएमआईई के कंज्यूमर पिरामिड्स हाउसहोल्ड सर्वे के अनुसार उपभोक्ता धारणा सूचकांक अक्टूबर में 2.1 प्रतिशत अधिक रहा। लगातार चौथे महीने इस सूचकांक में तेजी दर्ज हुई। कोविड-19 की दूसरी लहर के बाद जुलाई 2021 से उपभोक्ताओं की धारणा मजबूत […]
आय बढ़ाने पर जोर देगी अर्बन कंपनी
घरेलू सेवाएं मुहैया कराने वाली अर्बन कंपनी ने भारत में अपने प्लेटफॉर्म पर भागीदार आय सुधारने के लिए गुरुवार को 12-सूत्री कार्यक्रम की घोषणा की। प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में महिला भागीदारों द्वारा पिछले शुक्रवार को व्यक्त किए गए विरोध के बाद यह घोषणा की गई है। इन महिला भागीदारों ने बेहतर स्थिति और सुरक्षित […]
खबरों के मुताबिक सरकार संकट से जूझ रहे दूरसंचार क्षेत्र के लिए एक राहत पैकेज पर विचार कर रही है। वह ऐसे रास्ते भी तलाश रही है जिसके जरिये सेवा प्रदाताओं को समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) से संबद्ध बकाया चुकाने के लिए मौजूदा 10 के बजाय 20 वर्ष की अवधि दी जा सके। ये दोनों […]
सस्ती आवास परियोजनाओं की घटी मांग
आर्थिक दबाव और घटती आय से उत्पन्न प्रतिकूल हालात के बीच देश का रियल एस्टेट क्षेत्र बड़े बदलाव से गुजर रहा है। मौजूदा आर्थिक तंगी के बीच देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा अपने खर्च में कटौती कर रहा है, जिसका सीधा असर सस्ती आवास परियोजनाओं के बाजार पर दिख रहा है। बाजार पर […]
पहली तिमाही की आय को दूसरी लहर, जिंस में तेजी का झटका
कोविड-19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर और जिंस कीमतों में तेजी एवं इनपुट लागत बढऩे के कारण मात्रात्मक बिक्री में गिरावट का प्रभाव चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनियों के राजस्व एवं मुनाफे पर दिख सकता है। बैंक, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी), तेल एवं गैस और धातु एवं खनन जैसे चक्रीय क्षेत्र की […]
फसलों की खेती के प्रारूप में बदलाव
कोविड-19 महामारी ने हमें इस बात का अनुभव कराया है कि विकास के आयामों में जीवन-यापन के लक्ष्यों के साथ स्थायित्व और स्वास्थ्य के ध्येय का भी समावेश होना चाहिए। भारत में कृषि देश के अधिकांश लोगों के जीवन-यापन का प्रमुख साधन है। हालांकि हमने कृषि कार्यों को कभी स्थायित्व या उचित पोषण के नजरिये […]
रीट से आय पर अधिक कर देने के लिए बाध्य एफपीआई
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट्स) में निवेश से अर्जित ब्याज आय पर कर देयता को लेकर असमंजस में हैं। कई एफपीआई ने रूढि़वादी दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐसी आय पर 20 फीसदी का उच्च कर देना शुरू कर दिया है। वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि प्रतिभूति अनुबंध विनियमन अधिनियम में […]
ग्रामीण क्षेत्रों की उपभोक्ता धारणा में सुधार के शुरुआती संकेत
मई 2021 में उपभोक्ता धारणा सूचकांक में एक महीने पहले की तुलना में 10.8 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके पहले अप्रैल में भी इस सूचकांक में 3.8 फीसदी की गिरावट आई थी। इसका मतलब है कि दो महीनों में ही इस सूचकांक में 14.1 फीसदी की खासी गिरावट आई है। इन दोनों […]
आर्थिक बहाली में कितने मददगार हो पाएंगे संपन्न परिवार?
कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से भारत की आर्थिक बहाली की प्रक्रिया रुक गई है। आखिर कौन सी चीज फिर से वृद्धि को तेज कर सकती है? सिर्फ निवेश बढ़ाकर बहाली नहीं हो सकती है क्योंकि अधिकांश कंपनियां पहले से ही अतिरिक्त क्षमता पर हैं। यह भी साफ है कि सरकार आर्थिक समस्या दूर करने […]
ज्यादा ग्राहक आय बढऩे की गारंटी नहीं
बीएस बातचीत देश की सबसे बड़ी और सबसे मुनाफेदार विशुद्घ ब्रोकरेज कंपनी खड़ी करने के बाद जीरोधा के संस्थापक एवं सीईओ नितिन कामत को कंपनी के निवेशकों से भी जूझना पड़ा, जो कंपनी में हिस्सा चाहते थे। उनकी समी मोडक के साथ बातचीत के अंश: क्या पिछले साल ब्रोकरेज उद्योग को बाजार में ऐसी उछाल […]