आईबीसी में बदलाव पर समीक्षा बैठक
आईबीसी में कुछ मुख्य बदलावों पर चर्चा के लिए मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय और अन्य वरिष्ठï अधिकारियों के साथ मंगलवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सूत्रों के अनुसार, इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य था इन्सॉल्वेंसी ऐंड बैंक्रप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (आईबीबीआई) द्वारा प्रस्तावित लेनदारों की समिति (सीओसी) की […]
‘सीओसी की समाधान योजना में संशोधन नहीं हो सकता’
ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) लागू होने के बाद भी कर्जदाता बैंकों को बहुत कम ऋण वसूली होने से इस पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उच्चतम न्यायालय ने भी सोमवार को कहा कि किसी परिसंपत्ति के लिए कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) द्वारा समाधान योजना एक बार स्वीकृत हो जाने के बाद इसे न […]
विशेषज्ञता और अनुभव के लिए समाधान पेशेवरों पर नजर
अनुभव और क्षेत्र विशेष की विशेषज्ञता की कमी से लेकर एक स्वतंत्र नियामक का अभाव तक समाधान पेशेवरों (आरपी) का समूचा क्षेत्र ही संदेह के दायरे में आ गया है। एक ओर जहां इनमें से कुछ मुद्ïदे स्थायी समिति ने अपनी हालिया रिपोर्ट में उठाए थे, वहीं सरकारी सूत्रों ने इस बात पर जोर दिया […]
जून तिमाही में 56 खातों के खिलाफ हुई कार्रवाई
सर्वोच्च न्यायालय से अनुकूल फैसला मिलने के साथ ही भारतीय लेनदारों ने डूबते ऋण खातों के मामले में व्यक्तिगत गारंटी को भुनाना शुरू कर दिया है। लेनदारों ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से जून की अवधि में ऐसे 56 खातों के खिलाफ कार्रवाई की और प्रवर्तकों की व्यक्तिगत गारंटी (8,437 करोड़ रुपये) को भुनाना […]
समिति का आचार नियंत्रित करना आईबीबीआई के लिए चुनौती
भारतीय ऋणशोधन अक्षमता और दिवाला बोर्ड (आईबीबीआई) की ओर से ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) के लिए आचार संहिता का प्रस्ताव लाने के मसले पर उद्योग जगत का मानना है कि इस कवायद की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सीओसी पहले से ही अच्छी तरह से विनियमित है। विशेषज्ञों ने चेताया है कि इस तरह की […]
सभी बुराइयों के लिए रामबाण नहीं आईबीसी : एम एस साहू
भारतीय ऋणशोधन अक्षमता और दिवालिया बोर्ड (आईबीबीआई) के चेयरमैन एम एस साहू ने आज कहा कि जून तक ऋणशोधन अक्षमता और दिवालिया संहिता (आईबीसी) के तहत बचाई गई कंपनियों के संपत्ति का मूल्य ऋणदाताओं के बकाये रकम का करीब 22 फीसदी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऋणदाताओं द्वारा लिया जाने वाला हेयर […]
परिसमापन प्रक्रिया में और पारदर्शिता लाने के लिए भारतीय दिवाला एवं ऋणशोधन बोर्ड (आईबीबीआई) ने प्रस्ताव किया है कि परिसमापन से जुड़े सभी अहम मामलों में हिस्सेदारों की परामर्श समिति के साथ चर्चा की जानी चाहिए। परिसमापन नियमों में प्रस्तावित संशोधनों की जरूरत परिसमापक की जवाबदेही बढ़ाने को लेकर महसूस की गई, जिसे तहत हिस्सेदारों […]
आईबीसी कानून विकास के दौर से गुजर रहा
भारतीय ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवालिया बोर्ड (आईबीबीआई) के चेयरपर्सन एमएस साहू का कहना है कि कॉर्पोरेट ऋणशोधन समाधान प्रक्रिया के लिए आवेदन करने वाली 90 फीसदी कंपनियां अर्जी स्वीकार होने के पहले या बाद में बंद हो गईं। रुचिका चित्रवंशी के साथ बातचीत में साहू ने कहा कि आईबीसी कानून आने से पहले के मामलों […]
दिवाला संहिता में दाखिल होने के पहले निपटे 18,000 मामले
कंपनी मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 5 लाख करोड़ रुपये के 17,800 से ज्यादा मामले दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) में दाखिल होने के पहले ही निपटा दिए गए। जुलाई, 2021 तक कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया के लिए 4,570 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से 10 प्रतिशत से कम निपटाए गए […]
फंसे कर्ज के मामले में उपचार से बेहतर बचाव
वर्ष 2006 में बनी ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) को अब तक अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। कुछ बहुचर्चित ऋण के मामलों में भारी भरकम कटौती या कमजोर वसूली को लेकर इसकी काफी आलोचना हुई है। वित्त मंत्रालय से संबद्ध संसद की स्थायी समिति ने सुधार के सुझाव रखे। कंपनियों के निस्तारण […]