Business Standard
Advertisement
1601 नंबर से आएगी अधिकृत कॉल, TRAI ने ठगी रोकने के लिए बढ़ाया दायरानरसिम्हा राव-मनमोहन से वाजपेयी-मोदी तक: एनके सिंह ने बताया कैसे बदला भारत की आर्थिक स्थिरता का सफरझारखंड में भर्ती परीक्षाओं की कथित धांधली पर बवाल, छात्रों पर पुलिस का लाठीचार्जGen Z तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी में RSS, विशाखापत्तनम में होगी अहम बैठकBP India 2030 तक तेल-गैस क्षेत्र में करेगी $4 अरब का निवेश, ‘समुद्र मंथन’ योजना से कंपनी को बड़ी उम्मीदेंBrand Canvas 2026 का ग्रैंड फिनाले 11 अगस्त को बेंगलूरु में, 10 टीमें करेंगी मुकाबलाAI जॉब्स के लिए स्किल गैप की जानकारी नहीं, PMKVY 4.0 में 53,449 ने कराया रजिस्ट्रेशनग्राहकों-छोटे दुकानदारों के लिए UPI रहेगा फ्री, केवल बड़े कारोबारी लेनदेन पर ही MDR लागू करने की तैयारी: FMअमेरिकी टेक यूनिकॉर्न में बढ़ी भारत की हिस्सेदारी, हर 10 में 1 कर्मचारी भारतीयFCNR(B) योजना से बॉन्ड बाजार में आई बहार, 5 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड में बड़ी गिरावट
अन्य समाचार प बंगाल, बिहार और ओडिशा में लॉकडाउन के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ा
'

प बंगाल, बिहार और ओडिशा में लॉकडाउन के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ा

PTI

- January,10 2022 11:03 PM IST

10 जनवरी (भाषा) देश के पूर्वी राज्यों- बिहार

‘सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट’ (सीएसई) ने सोमवार को यह जानकारी दी। पर्यावरण के लिए काम करने वाले संस्थान ने कहा, “अभी जनवरी का महीना है और भारत के पूर्वी राज्यों- बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में सर्दियों में वायु प्रदूषण में वृद्धि देखी जा रही है।”

सीएसई ने कहा, “जाड़े में उत्पन्न हुआ स्मॉग जो कि नवंबर की शुरुआत में उत्तर भारत पर छाया रहता है, वह दिसंबर के अंत और जनवरी के आरंभ में पूर्व की तरफ बढ़ता है। बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा इस दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं जब पहले से बढ़ा हुआ स्थानीय प्रदूषण सर्दियों में और बढ़ जाता है।”

संस्थान द्वारा किये गए विश्लेषण में पाया गया कि क्षेत्र के लगभग सभी शहरों में 2020 में पीएम2.5 के औसत वार्षिक स्तर में गिरावट देखी गई जब देश में कई चरणों में लॉकडाउन लगा था।

अध्ययन में कहा गया, “प्रदूषण कारक तत्वों की मात्रा 2021 में पुनः बढ़ी, हालांकि ज्यादातर मामलों में यह स्तर 2019 के मुकाबले कम था। पश्चिम बंगाल में औद्योगिक क्षेत्र दुर्गापुर, जिसे सीपीसीबी द्वारा सर्वाधिक प्रदूषित क्षेत्र घोषित किया गया है, वहां 2021 में औसत 80 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था। इसके बाद मुजफ्फरपुर और पटना है जहां 2021 में पीएम2.5 का औसत क्रमशः 78 और 73 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।”

भाषा यश माधव

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement