ईरान ने क्षेत्रीय मध्यस्थ देशों के जरिए संदेश दिया है कि युद्ध विराम के लिए अमेरिका को यह गारंटी देनी होगी कि भविष्य में वह या इजरायल ईरान पर हमला नहीं करेंगे। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले से जुड़े कई अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।
अधिकारियों के अनुसार ईरान को खास तौर पर इस बात की चिंता है कि मौजूदा युद्ध खत्म होने के बाद इजरायल फिर से हमला कर सकता है। हालांकि यह साफ नहीं है कि अमेरिका ईरान को ऐसी गारंटी देने को तैयार होगा या इजरायल से भी ऐसा करने के लिए कह पाएगा। बताया गया है कि इन बैक-चैनल बातचीत को यूरोप और पश्चिम एशिया के कुछ देश आगे बढ़ा रहे हैं।
बुधवार देर रात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि युद्ध खत्म करने का एकमात्र रास्ता है, “ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता, मुआवजे का भुगतान और भविष्य में किसी भी हमले के खिलाफ ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी।” उन्होंने कहा कि यह संदेश उन्होंने रूस और पाकिस्तान के नेताओं को भी दिया है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान जारी है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का हवाला देते हुए कहा कि ईरान के संभावित नए नेता बातचीत करना चाहते हैं और अंततः बातचीत होगी।
28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के जल्द खत्म होने के संकेत फिलहाल नहीं दिख रहे हैं। ट्रंप ने इस सप्ताह कहा था कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है क्योंकि ईरान की सैन्य क्षमता को काफी नुकसान पहुंचा है। लेकिन सार्वजनिक रूप से तीनों देश कह रहे हैं कि वे कई हफ्तों तक लड़ाई जारी रखने के लिए तैयार हैं।
ईरान लगातार इजरायल और खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और बहरीन की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। समुद्री जहाजों पर हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद हो गया है, जहां से दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति गुजरती है। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है।
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रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब ने पिछले सप्ताह ईरान के साथ सीधे संपर्क बढ़ाया है ताकि संघर्ष को सीमित किया जा सके। खाड़ी के अन्य देश भी, जिनकी अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजार इस युद्ध से प्रभावित हो रहे हैं, ईरान और अमेरिका दोनों से बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।
ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने बुधवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की। संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बातचीत थी। ओमान की सरकारी मीडिया के अनुसार सुल्तान ने ओमान पर हुए ईरानी हमलों की निंदा की। यह बातचीत उस समय हुई जब ओमान के दक्षिणी शहर सलालाह के बंदरगाह पर ड्रोन हमले में ईंधन टैंक को निशाना बनाया गया।
अमेरिका और इजरायल ने युद्ध के उद्देश्यों को लेकर अलग-अलग संकेत दिए हैं। शुरुआत में दोनों देशों ने शासन परिवर्तन की बात कही थी। लेकिन सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बावजूद ईरान ने सैन्य रूप से अपनी मजबूती दिखाई।
ईरान ने खामेनेई के कट्टरपंथी बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुनकर अपने रुख को और स्पष्ट किया है। वहीं, इजराइली और अमेरिका ने संकेत दिया है कि वे इस्लामिक रिपब्लिक को खत्म करने से छोटे लक्ष्य भी मानेंगे। इनमें ईरान के मिसाइल प्रोग्राम और उसकी नेवी को खत्म करना शामिल है।