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प्लेटिनम हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड: 20 मई से खुलेगा NFO, किसे करना चाहिए इस SIF में निवेश?

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Platinum Hybrid Long Short Fund: 20 मई से खुलेगा NFO, नया SIF फंड इक्विटी, डेट और डेरिवेटिव स्ट्रैटजी के जरिए बाजार में लोड्रॉडाउन और स्थिर रिटर्न देने पर फोकस

Last Updated- May 14, 2026 | 3:38 PM IST
Mutual Fund
Representational Image

Platinum Hybrid Long-Short Fund: मिरे एसेट म्युचुअल फंड के एसआईएफ ब्रांड प्लैटिनम एसआईएफ (Platinum SIF) नया फंड ‘प्लेटिनम हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड’ ला रहा है। यह एक इंटरवल इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी वाला फंड है, जो इक्विटी और डेट सिक्योरिटीज में निवेश करेगा। इसके साथ ही डेरिवेटिव्स के जरिए सीमित शॉर्ट एक्सपोजर भी होगा। इस फंड का न्यू फंड ऑफर (NFO) 20 मई 2026 से 3 जून 2026 तक निवेश के लिए खुला रहेगा।

स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) एक नया एसेट क्लास है, जिसे म्युचुअल फंड और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) के बीच रखा गया है। SIF में निवेश के लिए न्यूनतम 10 लाख रुपये का निवेश जरूरी है, जो PAN स्तर पर लागू होगा।

मिरे एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के CIO नीलेश सुराणा ने कहा कि SIF निवेशकों को म्युचुअल फंड की पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजी तक एक्सेस देता है। यह फंड डेट, इक्विटी और डेरिवेटिव इंस्ट्रूमेंट्स के बीच ज्यादा फ्लै​क्सिबलिटी देगा।

फंड की क्या है खासियत?

मिरे एसेट म्युचुअल फंड के मुताकि, यह SIF तेजी से बदलती बाजार परिस्थितियों के अनुसार अपनी रणनीति और एसेट एलोकेशन बदलने की क्षमता रखता है। इसमें आर्बिट्राज और प्रोटेक्टेड डेरिवेटिव पोजिशन के बीच फ्लै​​क्सिबल आवंटन किया जाएगा, जिससे जोखिम कम करने और बेहतर यील्ड हासिल करने की कोशिश होगी।

फंड का मकसद 1 से 2 साल की अवधि में स्टेबल रिटर्न देना है। साथ ही मजबूत रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क के जरिए डाउनसाइड रिस्क कम करने और लगातार बेहतर प्रदर्शन देने का प्रयास किया जाएगा। यह फंड पारंपरिक हाइब्रिड फंड्स की तुलना में लोअर ड्रॉडाउन की स्थिति में रहेगा, क्योंकि इसमें बिना हेज वाले इक्विटी एक्सपोजर को सीमित रखा जाएगा। इसके अलावा, यह रणनीति कैटेगरी-III AIF और डेट म्युचुअल फंड्स की तुलना में टैक्स के लिहाज से अधिक प्रभावी मानी जा रही है।

कहां-कितना होगा एक्सपोजर?

प्लेटिनम हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड का प्रबंधन गौरिक शाह करेंगे। शाह मिरे एसेट म्युचुअल फंड SVP (इक्विटी इन्वेस्टमेंट्स) हैं और उन्हें प​ब्लिक मार्केट और अल्टरनेटिव स्ट्रैटजी में करीब दो दशक का अनुभव है।

शाह ने बताया कि फंड में 5 से 70 प्रतिशत तक कंट्रोल्ड इक्विटी एक्सपोजर रखा जाएगा, जिसमें कॉलर स्ट्रैटेजी और विशेष परिस्थितियों वाले निवेश शामिल होंगे। इसके अलावा 5 से 70 प्रतिशत तक पूरी तरह हेज्ड आर्बिट्राज एक्सपोजर और 25 से 35 प्रतिशत तक हाई क्वालिटी डेट एक्सपोजर रखा जाएगा।

किसे करना चाहिए निवेश?

फंड हाउस के मुताबिक, यह फंड उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो बाजार के अलग-अलग फेज में अपेक्षाकृत स्थिर रिटर्न चाहते हैं और जिनका निवेश नजरिया 1 से 2 साल या उससे ज्यादा का है। यह उन निवेशकों के लिए भी बेहतर विकल्प माना जा रहा है जो पारंपरिक हाइब्रिड फंड्स की तुलना में बेहतर डाउनसाइड प्रोटेक्शन चाहते हैं।

मिरे एसेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के हेड (प्रोडक्ट्स, बिजनेस स्ट्रैटेजी एंड इंटरनेशनल बिजनेस) वैभव शाह का कहा है कि प्लेटिनम SIF को रिटेल और हाई नेटवर्थ निवेशकों के बीच मौजूद निवेश गैप को भरने के मकसद से लॉन्च किया गया है। प्लेटिनम हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड का मकसद टैक्स एफिशिएंट तरीके से फिक्स्ड इनकम जैसे रिटर्न देने वाले प्रोडक्ट गैप को भरना है।

उन्होंने कहा कि SEBI की ओर से दिए गए सुरक्षा प्रावधान SIF को डेरिवेटिव्स का स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करने की अनुमति देते हैं, जिससे फंड हाउस बेहतर जोखिम प्रबंधन और नए इनोवेटिव प्रोडक्ट पेश कर सकते हैं।

 

(डिस्क्लेमर: यहां एनएफओ की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जो​खिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

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First Published - May 14, 2026 | 3:38 PM IST

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