Anthropic के नए टूल से टेक कंपनियों में मची खलबली, औंधे मुंह गिरे आईटी शेयरअगले 20-25 वर्षों में भारत बनेगा दुनिया की सबसे प्रभावशाली आर्थिक ताकत: ब्लैकरॉक प्रमुख लैरी फिंकCCI ने दिए इंडिगो के ​खिलाफ जांच के आदेश, उड़ानें रद्द कर बाजार में प्रभुत्व का संभावित दुरुपयोगचुनौतियां अब बन रहीं अवसर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील से विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीदEditorial: ऑपरेशन सिंदूर का असर, रक्षा बजट में बढ़ोतरीजब व्यावसायिक हितों से टकराती है प्रवर्तन शक्ति, बाजार का भरोसा कमजोर होता हैसहनशीलता ने दिया फल: ट्रंप के साथ भारत की लंबी रणनीति रंग लाईBajaj Finance Q3FY26 Results: मुनाफा घटा, ब्रोकरेज की राय बंटी, शेयर के लिए टारगेट प्राइस में बदलावNMDC Q3FY26 Results: रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹7,610 करोड़; उत्पादन और बिक्री में बढ़ोतरी जारीभारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद रुपया कमजोर, डॉलर के मुकाबले 11 पैसे गिरकर 90.43 पर बंद
अन्य समाचार कमला हैरिस की जीत के जश्न में डूबे तमिलनाडु के उनके पुश्तैनी गांव
'

कमला हैरिस की जीत के जश्न में डूबे तमिलनाडु के उनके पुश्तैनी गांव

PTI

- November,09 2020 4:33 AM IST

आठ नवंबर (भाषा) अमेरिका में कमला हैरिस के पहली महिला उप राष्ट्रपति चुने जाने पर तमिलनाडु के उनके पुश्तैनी गांवों में खुशी और उल्लास का माहौल है और यहां दिवाली से पहले ही इस मौके पर पटाखे फोड़े गए और मिठाइयां बांटी गईं।

तिरुवरुर जिले के थुलासेंद्रापुरम और पैंगनाडु गांवों में लोग 'अपने घर की महिला' की जीत की खुशियां मना रहे हैं।

उनके नाना-नानी के पैतृक गांवों के लोग बेसब्री से अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम चुनाव की प्रतीक्षा कर रहे थे और जैसे ही जो बाइडेन के डोनाल्ड ट्रंप को हराने की खबर आई, यह स्पष्ट हो गया कि कमला हैरिस उप राष्ट्रपति बनने जा रही हैं।

इन गांवों के लोगों ने हैरिस की जीत के लिए विशेष पूजा-अर्चना की थी और जैसे ही उनकी इच्छा पूरी हुई, उन्होंने रविवार को जश्न मनाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने 56 वर्षीय हैरिस की जीत की खुशी पटाखे फोड़कर, मिठाइयां बांटकर मनाई और ऐसी खबरें हैं कि इस संबंध में बाद में विशेष पूजा भी आयोजित की जाएगी।

पैंगनाडु में इस अवसर पर रंगोली बनाने वाली स्थानीय महिला बेहद खुश हैं और उन्होंने इस जीत को ‘अपने घर की महिला की जीत’ बताया है। इर रंगोली में हैरिस को ‘गांव का गर्व’ बताया गया है।

थुलासेंद्रापुरम और पैंगनाडु कृषि प्रधान गांव हैं और एक-दूसरे के काफी नजदीक हैं। हैरिस के नाना पी वी गोपालम थुलासेंद्रापुरम गांव से युवावस्था में ही बाहर निकल गए थे और उन्होंने ब्रिटिश सरकारी सेवा में नौकरी कर ली थी। वहीं उनकी नानी राजम पैंगनाडु गांव से आती हैं। भले ही हैरिस के पूर्वज गांव से दशकों पहले चले गए हों लेकिन परिवार के सदस्य अब भी

थुलासेंद्रापुरम के मंदिर के साथ अपना संपर्क बनाए हुए हैं।

भाषा स्नेहा नरेश

संबंधित पोस्ट