आडवाणी ने संवाददताआंंे से कहा, भारत में दो दलीय प्रणाली नहीं है, हालांकि हमने देश में एक दल के प्रभुत्व को समाप्त किया है और राजनीति को द्विधु्रवीय बनाया है । लेकिन तीसरी पार्टी का यहां कोई स्थान नहीं है।
उनसे पूछा गया था कि दिल्ली में चार दिसंबर को होने वाले चुनाव में पहली बार उतर रही अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी :आप: किस तरह की चुनौती पेश कर रही है।
आडवाणी ने कहा, मेरा मानना है कि दिल्ली के मतदाताओं में काफी बुद्धिमता है। पिछली बार अगर हम चुनाव नहीं जीत पाये, यह उनके कारण नहीं बल्कि हममें कुछ कमजोरियां रही होंगी।
भाजपा नेता ने मतदाताओं से दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को वापस लाने के लिए वोट देने की अपील की क्योंकि पार्टी 14 वर्षो से अधिक समय से वनवास में रही है।
आडवाणी ने हालांकि राष्ट्रीय राजधानी को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने से संबंधित प्रश्नों को टाल दिया और कहा कि संघीय राजनीति में इस मुद्दे पर चर्चा किये जाने की जरूरत है और पार्टी सत्ता में आने पर इस पर निर्णय लेगी।