सूत्रों ने बताया कि छापेमारी दो दिन पहले निर्माण कंपनी के भागलपुर, रांची, जामताड़ा और कोलकाता स्थित दफ्तरों में की गई।
आयकर अधिकारियों ने खाते में तकरीबन 8.4 करोड़ रपये की हेराफेरी का पता लगाया। छापे के दौरान बिना हिसाब के 41.50 लाख रपये नकद जब्त किए गए।
कंपनी भागलपुर और अन्य शहरों में सात परियोजनाएं चला रही थी और फ्लैटों की बिक्री कम कीमत पर दिखा रही थी।