राव से पहले सीवी रमण और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को भारत रत्न से नवाजा जा चुका है । 79 साल के प्रोफेसर राव 60 विश्वविद्यालयों द्वारा मानद डॉक्ट्रेट की उपाधि से सम्मानित किए जा चुके हैं जिससे पता चलता है विग्यान के क्षेत्र में दुनिया भर में उनकी कितनी स्वीकार्यता है ।
बेंगलूर के जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ट साइंटिफिक रिसर्च के संस्थापक राव ने विभिन्न सरकारों के शासनकाल में प्रधानमंत्री की वैग्यानिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष के तौर पर काम किया है । इससे जाहिर होता है कि अलग-अलग सरकारों ने उनकी काबिलियत पर पूरा भरोसा किया ।
राव ने खासकर सॉलिड स्टेट एंड स्ट्रक्चरल कैमिस्ट्री के क्षेत्र में काम किया है ।
बेंगलूर में हनुमंत नागेश राव और नागम्मा नागेश राव के घर 30 जून 1934 को जन्मे राव यदि चाहते तो 1951 में बीएससी की पढ़ाई के बाद कोई आरामतलब नौकरी कर सकते थे पर ग्यान प्राप्त करने की उनकी चाह ने उन्हें कभी न खत्म होने वाले वैग्यानिक सफर पर रवाना कर दिया ।
जारी भाषा