इस संबंध में नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चर साइंस :एनएएएस: द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इंडियन सोसायटी ऑफ जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग सहित दर्जनों सोसायटियों ने एक आम प्रस्ताव जारी किया है। एनएएएस, उच्चतम न्यायालय में जेनेटिकली मोडिफाइड आर्गेनिज्म :जीएमओ: पर दाखिल किये गये एक जनहित याचिका के प्रतिवादियों में से एक है।
अकादमिक सोसायटियों ने अपने एकल प्रस्ताव में कहा है कि बदलते जलवायु के तहत कृषि परिदृश्य, उत्पादकता की दिक्कतों और किसानों के जीवन यापन की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विचार करते हुए हमने महसूस किया है कि पर्यावरण की सुरक्षा और जैव विविधता के लिए मंजूर किया गया जीएम फसल एक बेहद महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी है। यह भारत के खाद्यान की बढ़ती जररतों को पूरा करने के लिए बेहद आवश्यक है।