गांधीनगर में आज महात्मा मंदिर में कौशल विकास के राष्ट्रीय सम्मेलन के शुरूआती संबोधन में मोदी ने कहा, 2008 में केंद्र ने मिनिस्टर्स नेशनल सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट बनाया। इसके बाद, इसने कौशल विकास बोर्ड बनाया। आज दोनों कुछ नहीं कर रहा है।
मोदी ने कहा, इसके बाद 2009 में राष्ट्रीय कौशल नीति लायी गयी। कौशल विकास के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में सलाहकार कार्यालय खोला गया।
उन्होंने कहा कि लेकिन, वे नहीं रूके और इसके बाद राष्ट्रीय कौशल विकास एजेंसी का गठन किया।
उन्होंने कहा, लेकिन, 2013 में 2008-13 के बीच बनायी गयी सभी समितियों को भंग कर दिया गया। समिति कैसे बनायी जाए और भंग की जाए इसमें केंद्र उस्ताद है।
मोदी ने दावा किया, और फिर, वे देखने लगे कि गुजरात क्या कर रहा है। और गुजरात ने वह किया जो केंद्र सोच भी नहीं पाया और जो न कर सका।
मुख्यमंत्री ने कहा, आखिरकार, उन्होंने गुजरात की योजनाओं को लागू किया। कौशल विकास में काम के लिए हमारे कौशल वरदान केंद्रों :केवीके: को प्रधानमंत्री का पुरस्कार मिला।