Business Standard
Advertisement
बिजली क्षेत्र में 35 साल के सुधारों से बदली तस्वीर, कमी से अधिशेष तक पहुंचा भारतचार्ल्स श्वाब ने भारत में शुरू किया पहला टेक्नोलॉजी सेंटर, हैदराबाद बना नया ठिकानाभारतीय दोपहिया वाहनों की विदेशों में बढ़ी मांग, लगातार तीसरे साल निर्यात बढ़ने की उम्मीदस्पाइसजेट को बड़ी राहत, विमान लीज कंपनी ने वापस ली दिवाला याचिकाभारत के एंटरटेनमेंट सेक्टर पर KKR का भरोसा, बुकमाईशो में खरीदेगी अल्पांश हिस्सेदारीप्रतिस्पर्धा आयोग का बड़ा बदलाव, प्रतिबद्धता मामलों की कुल समय-सीमा 180 दिन हुईएक दशक बाद चीनी आयात की तैयारी, 10 लाख टन से कीमतों पर लगाम की कोशिशमहिलाओं को समान संसाधन मिलें तो बढ़ेगी खेती की पैदावार, रिपोर्ट में बड़ा दावाक्लोजिंग ऑक्शन सेशन में हेरफेर पर सेबी की बड़ी कार्रवाई, कॉपटॉल और मानसी ब्रोकिंग पर लगाई रोकजापानी निवेशकों पर योगी का दांव, 75 हजार एकड़ भूमि बैंक और बेहतर कनेक्टिविटी का दिया हवाला
अन्य समाचार भारत ने यूरोपीय संघ से आयातित एक थोक दवा पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया
'

भारत ने यूरोपीय संघ से आयातित एक थोक दवा पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया

PTI

- October,21 2013 12:33 PM IST

राजस्व विभाग ने थोक सक्रिय औषधि सेफाड्राक्सिल मोनोहाइड्रेट के सस्ते आयात को हतोत्साहित करने हेतु पांच साल के लिए यह शुल्क लगाया है। इसका आयात मुख्य रूप से यूरोपीय संघ से होता है।

डंपिंग रोधी व संबंधित शुल्क महानिदेशालय :डीजीएडी: की सिफारिशांे पर यह शुल्क लगाया गया है। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड :सीबीईसी: की अधिसूचना के अनुसार यह शुल्क पांच साल की अवधि के लिए लगाया जा रहा है। विभिन्न कारकांे को ध्यान मंे रखकर डंपिंग रोधी शुल्क की दर 7.88 से 9.03 डालर प्रति किलोग्राम होगी।

सेफाड्राक्सिल मोनोहाइड्रेट का इस्तेमाल विभिन्न दवाओं के विनिर्माण में होता है।

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement