facebookmetapixel
Advertisement
South India में मजदूरों की भारी किल्लत: कंपनियां दे रही हैं फ्री फ्लाइट और तगड़ा सैलरी हाइक!अगले हफ्ते स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है यह कंपनी, निवेशकों को 1 के बदले मिलेंगे 2 शेयर‘अब सिर्फ ट्रायल नहीं, कंपनियों के कामकाज का मुख्य हिस्सा बना AI’, TCS चेयरमैन ने किया दावापेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने से 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स बेहाल, 5 घंटे काम बंद रखकर जताएंगे विरोधNPS सब्सक्राइबर्स को बड़ी राहत: अब गंभीर बीमारी में सरेंडर कर सकेंगे एन्युटी पॉलिसी, नियमों में हुआ बदलावExplainer: क्यों बढ़ रहा है टाटा संस पर पब्लिक होने का दबाव? अंदरूनी कलह व RBI के नियमों का पूरा सचDividend Stocks: अगले हफ्ते L&T और Havells समेत ये 18 कंपनियां करेंगी पैसों की बारिश, देखें पूरी लिस्टभारतीयों के लिए दुबई में घर खरीदना होगा आसान, रेजीडेंसी वीजा के लिए प्रॉपर्टी की न्यूनतम कीमत सीमा खत्मआसमान में भारत की ताकत बढ़ाने की जरूरत, वायुसेना ने ‘घातक’ स्टेल्थ ड्रोन कार्यक्रम को तेज करने पर दिया जोरनिवेशकों की ऊंची यील्ड की मांग के आगे झुका नाबार्ड, 7,000 करोड़ रुपये का बॉन्ड इश्यू लिया वापस

बेसिक सर्विसेज डीमैट खाते के लिए सेबी का प्रस्ताव

Advertisement

बीएसडीए एक विशेष प्रकार का डीमैट खाता है, जिसे सेबी ने कम कीमत की प्रतिभूतियां रखने वाले छोटे खुदरा निवेशकों के रखरखाव की लागत कम करने के लिए शुरू किया है।

Last Updated- November 25, 2025 | 9:59 AM IST
Demat Account

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट (बीएसडीए) तय करने के लिए पोर्टफोलियो मूल्य गणना से कथित जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल (जेडसीजेडपी) बॉन्ड और डीलिस्टेड प्रतिभूतियों की कीमत को बाहर रखने का प्रस्ताव दिया है।

बीएसडीए एक विशेष प्रकार का डीमैट खाता है, जिसे सेबी ने कम कीमत की प्रतिभूतियां रखने वाले छोटे खुदरा निवेशकों के रखरखाव की लागत कम करने के लिए शुरू किया है। ऐसे खाताधारकों को 50,000 रुपये तक की होल्डिंग के मूल्य पर कोई वार्षिक रखरखाव शुल्क (एएमसी) नहीं देना पड़ता है।

नियामक ने सुझाव दिया है कि कोई निवेशक बीएसडीए के लिए पात्र है या नहीं, यह तय करते समय जेडसीजेडपी बॉन्डों को नहीं गिना जाना चाहिए, जिनका सामाजिक प्रभाव ढांचे के तहत व्यापक इस्तेमाल किया जाता है। नियामक ने कहा कि ये निवेश गैर-हस्तांतरणीय हैं और इनका ट्रेड नहीं होता है। इनमें कोई मौद्रिक रिटर्न नहीं है, जिससे ये लिक्विड निवेश परिसंपत्ति की तुलना में सामाजिक योगदान के ज्यादा करीब होते हैं।

इसी प्रकार गैर-सूचीबद्ध प्रतिभूतियों को भी पोर्टफोलियो कीमत गणना से बाहर रखने का प्रस्ताव किया गया है। इस तरह वे निलंबित प्रतिभूतियों के बराबर हो जाएंगी, जिन्हें मूल्य निर्धारण और तरलता की कमी के कारण पहले ही नजरअंदाज कर दिया गया है। हालांकि इलिक्विड प्रतिभूतियों का मूल्यांकन उनके अंतिम बंद भाव पर ही किया जाता रहेगा। ये मूल्यांकन नियम वैयक्तिक प्रवर्तकों पर लागू नहीं होंगे।

इसके अलावा, डिपॉजिटरी प्रतिभागियों को हर निवेशक के बिलिंग चक्र के अंत में बीएसडीए पात्रता का दोबारा मूल्यांकन करना पड़ता है, जो प्रतिभागियों के बीच अलग-अलग होता है और परिचालन संबंधी जटिलता पैदा करता है। नियामक ने प्रक्रिया को सरल बनाने तथा सभी संस्थाओं में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए एक समान तिमाही पुनर्मूल्यांकन का प्रस्ताव दिया है।

इसके अलावा, जो निवेशक बीएसडीए के बजाय नियमित डीमैट खाता बनाए रखना चाहते हैं, उन्हें केवल अपने पंजीकृत ईमेल से ही सहमति भेजनी होगी। डिपॉजिटरियों ने सेबी को बताया है कि इससे देरी होती है और प्रतिक्रिया दर कम होती है। नियामक ने अब किसी भी प्रमाणित और सत्यापन योग्य चैनल के माध्यम से सहमति की अनुमति देने का प्रस्ताव किया है, जिससे निवेशकों और मध्यस्थों दोनों को ज्यादा लचीलापन मिलेगा।

Advertisement
First Published - November 25, 2025 | 9:59 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement