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लॉकडाउन से वाहनों का उत्पादन सुस्त

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:47 AM IST

महाराष्ट्र सरकार द्वारा लॉकडाउन की घोषणा किए जाने के पहले ही दिन राज्य में मौजूद वाहन विनिर्माण इकाइयों का कारोबार सामान्य नहीं रहा। क्या पाबंदियां लगाई हैं और क्या नहीं, इस पर सबसे अधिक भ्रम की स्थिति देखी गई। कुछ विनिर्माण इकाइयों का परिचालन आधे से भी कम कर्मचारियों के साथ हुआ जबकि कुछ अन्य इकाइयों ने सरकार से दिशानिर्देशों को स्पष्ट करने की मांग की है।
देश के कुल वाहन उत्पादन में महाराष्ट्र का योगदान करीब 20 फीसदी है। राज्य में टाटा मोटर्स, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, बजाज ऑटो, फोर्स मोटर्स, मर्सिडीज बेंज इंडिया, फोक्सवैगन कार्स आदि तमाम प्रमुख वाहन विनिर्माताओं के संयंत्र हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के बाहर के वाहन विनिर्माताओं के लिए वाहन कलपुर्जों का भी यह एक महत्त्वपूर्ण केंद्र है। अनुमानों के अनुसार, इस लॉकडाउन से मासिक उत्पादन को 30 से
40 फीसदी का झटका लग सकता है।
अधिकतर कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने ‘ब्रेक द चेन’ दिशानिर्देशों के अनुरूप और सुरक्षा प्रोटोकॉल, सामाजिक दूरी संबंधी मानदंडों और स्वच्छता मानकों का पालन करने के लिए परिचालन की रफ्तार को धीमा कर दिया है। वे पात्र कर्मचारियों को टीका लगवाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ सक्रियतापूर्वक सहयोग कर रहे हैं।
टाटा मोटर्स के प्रवक्ता ने कहा, ‘टाटा मोटर्स अपने पुणे संयंत्र का परिचालन राज्य सरकार के आदेश के तहत दिए गए सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए कर रही है।’ उन्होंने कहा कि कंपनी ने स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर 45 वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारियों के टीकाकरण अभियान की शुरुआत की है।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (ऑटोमोटिव एवं फार्म सेक्टर) राजेश्वर त्रिपाठी ने कहा, ‘कंपनी के सभी संयंत्रों का परिचालन न्यूनतम कर्मचारियों और सामाजिक दूरी, स्वच्छता एवं साफ-सफाई संबंधी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हुए हो रहा है। साथ ही संयंत्र में कोविड-19 की अनिवार्य जांच और हमारे सहयोगियों के लिए उच्च सुरक्षा मानदंडों पर अमल किया जा रहा है।’ महाराष्ट्र में कंपनी के सभी कार्यालय बंद रहे।
त्रिपाठी ने कहा कि महिंद्रा ऐंड महिंद्रा सरकारी दिशानिर्देशों के तहत पात्र अपने सभी सहयोगियों एवं उनके जीवन साथी के टीकाकरण की लागत का वहन कर रही है। अब तक 90 फीसदी से अधिक पात्र कर्मचारियों का टीकाकरण हो चुका है जिनमें अस्थायी एवं अनुबंध वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ने मुंबई और पुणे जैसे हॉटस्पॉट में अपने कर्मचारियों के लिए क्वारंटीन सेंटरों की भी स्थापना की है और जरूरत पडऩे पर पूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
वाहनों के कलपुर्जा बनाने वाली एक बड़ी कंपनी के एक अधिकारी ने कहा, ‘इस लॉकडाउन से कुल मासिक उत्पादन में 30 से 40 फीसदी की गिरावट आने की आशंका है।’ उन्होंने कहा, ‘हम इस महीने के लिए शुरुआती लक्ष्य को 60 से 70 फीसदी तक हासिल करने की उम्मीद करते हैं।’ कार बाजार की अग्रणी कंपनी सहित अधिकतर वाहन विनिर्माताओं को कंपनी ने अपना ग्राहक बताया। लॉकडाउन संबंधी अनिश्चितताओं के कारण वाहन विनिर्माताओं ने इस महीने के लिए अपनी उत्पादन योजना में संशोधन किया है।
मर्सिडीज बेंज इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी अपनी विनिर्माण इकाई का परिचालन कम क्षमता और सीमित कर्मचारियों के साथ करेगी ताकि सरकार के सभी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए परिचालन को जारी रखा जा सके। उन्होंने कहा, ‘कंपनी स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन कर रही है।’
फोक्सवैगन ग्रुप के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कंपनी इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्टता की मांग कर रही है कि किन चीजों के लिए अनुमति है और किन चीजों के लिए नहीं।

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First Published - April 17, 2021 | 12:25 AM IST

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