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ई-दोपहिया की होगी दमदार रफ्तार

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Last Updated- December 11, 2022 | 8:44 PM IST

स्टार्टअप एवं आईसीई विनिर्माता सहित दोपहिया वाहन बनाने वाली शीर्ष भारतीय कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों की अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इन कंपनियों ने कैलेंडर वर्ष 2023 तक सालाना 60 लाख से अधिक क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
गोल्डमैन सैक्स के अनुमानों से पता चलता है कि मौजूदा क्षमता करीब 6.7 लाख है जिसका मतलब यह हुआ कि कुल क्षमता में 9 गुना वृद्धि करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें उन क्षमताओं को शामिल नहीं किया गया है जिसके लिए हीरो मोटोकॉर्प योजना बना रही है अथवा टीवीएस मोटर विस्तार करना चाहती है। नई क्षमता निर्माण करने वाली सबसे बड़ी कंपनी ओला इलेक्ट्रिक है जिसने शुरुआत में ही सालाना 20 लाख के साथ संयंत्र को पूरा कर रही है और बाद में उसके विस्तार की योजना है। कंपनी सालाना 1 करोड़ वाहनों की क्षमता हासिल करना चाहती है जो देश में दोपहिया वाहनों की कुल सालाना बिक्री का लगभग आधा है। एक अन्य कंपनी ऐथर एनर्जी ने अपनी क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है। उसकी मौजूदा क्षमता 1,20,000 वाहनों की है जिसे बढ़ाकर कैलेंडर वर्ष 2022 के अंत तक 5 लाख और अगले वित्त वर्ष के अंत तक 10 लाख करने की है। बजाज ऑटो भी एक इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र में निवेश कर रही है जिसकी क्षमता सालाना 5 लाख दोपहिया वाहनों के उत्पादन की होगी। इसी प्रकार सिम्पल एनर्जी सालाना 10 लाख स्कूटरों के उत्पादन के लिए 30 करोड़ डॉलर का निवेश कर रही है।
फिलहाल केवल 11 इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनियों का कुल कारोबार 5 करोड़ रुपये से अधिक है। जबकि वित्त् वर्ष 2021 के लिए आरओसी के आंकड़ों के आधार पर 25 फीसदी के एकीकृत नकारात्मक एबिटा मार्जिन के साथ खर्च किया गया है।
इन कंपनियों का कुल राजस्व 860 करोड़ रुपये है जबकि उनका घाटा करीब एक तिहाई है। गोल्डमैन सैक्स ने बताया है कि मुख्य तौर पर दो कंपनियों- ऐथर एनर्जी और रिवोल्ट मोटर्स के कारण समग्र एबिटा मार्जिन में गिरावट आई है क्योंकि इन कंपनियों का घाटा काफी अधिक रहा है। लेकिन हीरो इलेक्ट्रिक, एम्पीयर और काइनेटिक ग्रीन जैसी इनमें से कई कंपनियां एबिटा के मोर्चे पर न नफा न नुकसान के स्तर तक पहुंच गई हैं। ऐथर एनर्जी के उत्पाद को भरोसेमंद और सफल माना जाता है लेकिन शुरुआत में उसका जलने का इतिहास भी रहा है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन श्रेणी में बिकने वाले सभी वाहनों में 60 फीसदी से अधिक वाहन हाई स्पीड दोपहिया होते हैं। जनवरी से अब तक के वाहन डेटा के अनुसार, हीरो इलेक्ट्रिक 9,738 वाहनों के पंजीकरण के साथ सूची में शीर्ष पर है। उसके बाद ओकिनावा 14,869, ओला 8,081 और ऐथर एनर्जी 5,098 वाहनों के साथ मौजूद हैं।

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First Published - March 15, 2022 | 11:28 PM IST

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