facebookmetapixel
Advertisement
नीट पेपर लीक, परीक्षा रद्द, आंदोलन और अब शिक्षा मंत्री का इस्तीफा…..3 मई से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ?शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके दी जानकारीफ्लैट खरीदने के बाद पुराने मेंटेनेंस बकाया का आ गया बिल? जानिए क्या कहता है कानून और क्या करें नए खरीदार360% का मोटा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सक्या ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप बोले: हम ‘लॉक्ड एंड लोडेड’, पर बातचीत भी जारी‘उदारीकण के बाद अहसास हुआ कि हमें इनोवेशन करना होगा, न कि दिल्ली में इंतजार’, नारायण मूर्ति ने बयां की 1991 से पहले की दुश्वारियां1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत‘बंगाल को मिली तबाही और निराशा की विरासत’, बोले स्वप्न दासगुप्ता: निवेश लाने के लिए करेंगे अतिरिक्त प्रयासऑरिफ्लेम बेचेगी भारत में अपना विनिर्माण कारोबार, अकुम्स ड्रग्स की सहायक कंपनी प्योर एंड क्योर से हुआ समझौता₹9,200 करोड़ के IPO से कर्जमुक्त होगी मणिपाल हेल्थ, उत्तर भारत में विस्तार पर कंपनी का जोर: दिलीप जोस

भारतीय पहलवानों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में दिखाया दमखम

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 5:01 PM IST

ब्रिटेन के बर्मिंघम में हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने अभी तक कुल 45 पदक जीते हैं, जिनमें 16 गोल्ड, 12 सिल्वर और 17 ब्रॉन्ज़ मेडल हैं। इसमे भारत के पहलवानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखने हुए भारतीय रेसलरों ने देश को कुश्ती में 6 गोल्ड, 1 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल दिलाए।

शूटिंग और नीरज चोपड़ा की अनुपस्थिति में, इस कॉमनवेल्थ गेम्स में रवि दहिया, बजरंग पुनिया, दीपक पुनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक समेत सभी पहलवानों से पदकों की उम्मीद की जा रही थी। भारतीय रेसलरों ने भी देशवासियों को निराश नहीं किया और अपने सभी भार वर्गों में मेडल जीता। 
 
टोक्यो ओलंपिक 2020 के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट 28 वर्षीय बजरंग पुनिया ने 65 किलो के फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल मुकाबले में कनाडा के लेचलन मैक्नेल को 9-2 से हराकर गोल्ड मेडल जीत रेसलिंग में खाता खोला। इसके बाद भारतीय पहलवानों का जीत का सिलसिला जारी रहा।
 

इससे पहले बजरंग ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के जॉर्ज रेम को तकनीकी वरिष्ठता के आधार पर हरा कर फाइनल में जगह पुख्ता की थी। बजरंग का कॉमनवेल्थ गेम्स में यह दूसरा गोल्ड मेडल है। 2018 गोल्ड कॉस्ट गेम्स में भी उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। 
वहीं 57 किलो के फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में अंशु मलिक को नाइजीरिया के ओडुनायो फोलासाडे से हार का सामना करना पड़ा। जिसके कारण अंशु को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा।

62 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले में साक्षी मलिक ने शुरुआती क्षणों में पिछड़ने के बावजूद जोरदार वापसी करते हुए कनाडा की एना गोजलज को पिन (चित) कर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। 
 
कुश्ती में भारत के लिए गोल्ड मेडल के अन्य मजबूत दावेदार दीपक पुनिया (86 किग्रा) ने फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के मोहम्मद इनाम बट को 3-0 से हरा कर कर कुश्ती का तीसरा गोल्ड मेडल जीता। दीपक भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत हैं। वहीं 74 किग्रा वर्ग में अपनी दावेदारी पेश कर रहे 19 वर्षीय नवीन ने अपने फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के ताहिर को 9-0 से पटखनी देकर गोल्ड अपने नाम कर लिया। नवीन टूर्नामेंट के शुरुआत से ही अपने प्रतिद्वंद्वी पर हावी रहे। 

अन्य पहलवानों में पूजा गहलोत (50 किग्रा ), पूजा सिहाग (76 किग्रा), मोहित  ग्रेवाल (125 किग्रा), दीपक नेहरा (97 किग्रा), दिव्या काकरान (68 किग्रा) ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता।

ब्रॉन्ज मेडल विजेता पूजा गहलोत ने गोल्ड नहीं जीत पाने के कारण देशवासियों से माफी मांगते हुए कहा कि मुझे उम्मीद थी कि मैं गोल्ड जीत राष्ट्रगान बजवाउंगी, लेकिन मैं हार गई। मैं देशवासियों से माफी मांगती हूं। 

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आपको जश्न मनाना चाहिए। आपकी जीवन यात्रा हमें प्रेरणा देती है, आप हमेशा यूं ही चमकती रहें।

 

Advertisement
First Published - August 7, 2022 | 7:57 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement