facebookmetapixel
Advertisement
US-Iran War: ईरान से डील फेल! 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा, खाली हाथ लौटे वेंस; क्या अब बढ़ेगा युद्ध का खतरा?अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता शुरू, इस्लामाबाद में जेडी वेंस और घालिबाफ आमने-सामने: रिपोर्टशहबाज शरीफ और जनरल आसिम मुनीर से मिला ईरानी डेलीगेशन, इस्लामाबाद पर टिकी दुनिया की नजरेंडीजल और हवाई ईंधन पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी, पेट्रोल पर टैक्स में कोई बदलाव नहींFixed Deposit interest rates 2026: 444 दिन की जमा पर मिलेगा 6.6% तक ब्याज, ये बैंक दे रहे मौकाStock Market Next Week: अगले हफ्ते इस दिन बंद रहेगा मार्केट, कैलेंडर चेक कर करें अपनी प्लानिंग!UPI पर चार्ज लगा तो 75% लोग इस्तेमाल कर देंगे बंद! सर्वे में सामने आई डिजिटल इंडिया की नई चुनौती1 शेयर के बदले मिलेंगे 10 शेयर! पशुपति कॉटस्पिन करने जा रही स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट अगले हफ्तेअमित क्षत्रिय: अमेरिका के मून मिशन के पीछे मौजूद भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक की पूरी कहानीसरकार का बड़ा कदम, 2 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जाएगी खांसी की दवा

Delhi Exit Poll 2025: एग्जिट पोल- कितने Pass, कितने फेल?

Advertisement

एग्जिट पोल अक्सर पार्टियों की जीत की भविष्यवाणी में हिट और मिस रहे हैं, हाल के चुनावों में अधिक मिस देखे गए हैं।

Last Updated- February 05, 2025 | 8:21 PM IST
Karnataka Assembly election: Exit polls give Congress the edge in Karnataka
बिजनेस स्ट्रेंडर्ड हिन्दी

05 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के बाद से ही एक्जिट पोल आने शुरु हो गए। लेकिन अब आम लोग एक्जिट पोल को लेकर संशय व्यक्त करने लगे हैं। इसका कारण है कि एग्जिट पोल अक्सर पार्टियों की जीत की भविष्यवाणी में हिट और मिस रहे हैं, हाल के चुनावों में अधिक मिस देखे गए हैं। हम पिछले दो चुनावों में राष्ट्रीय राजधानी में एग्जिट पोल की सटीकता का विश्लेषण करते हैं।

एग्जिट पोल क्या होते हैं?

एग्जिट पोल का उद्देश्य मतदान केंद्रों से बाहर निकलने वाले मतदाताओं की भावनाओं को कैप्चर करना होता है। मतदान के तुरंत बाद किए जाने वाले ये सर्वेक्षण संभावित चुनाव परिणामों की प्रारंभिक जानकारी देते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य आधिकारिक गिनती से पहले परिणामों का अनुमान लगाना है।
हालांकि, एग्जिट पोल मीडिया संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा परिणामों की भविष्यवाणी के लिए व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं, लेकिन ये हमेशा सटीक नहीं होते। सैंपल चयन, गलती की सीमा और यहां तक कि उत्तरदाताओं की ईमानदारी से जवाब देने की इच्छा जैसे कारक परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।

क्या कह रहें हैं दिल्ली विधानसभा चुनाव, 2025 के एक्जिट पोल-

2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा।

AAP: इन चुनावों में आम आदमी पार्टी तीसरी बार लगातार सत्ता में वापसी का प्रयास कर रही है, जो शहर में अपनी पिछली सफलताओं पर आधारित है।

BJP: हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जीत के बाद भाजपा दिल्ली में अपनी खोई जमीन वापस पाने का प्रयास कर रही है।

Congress : कांग्रेस अपनी पुरानी पकड़ को फिर से मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।

2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में कैसे रहे थे एक्जिट पोल के अनुमान-

2015 में एग्जिट पोल्स ने AAP की जीत का अनुमान लगाया था, लेकिन उसकी जीत के पैमाने को नहीं समझ पाए। छह प्रमुख एग्जिट पोल्स के औसत ने AAP को लगभग 45 सीटें दी थीं, BJP को 24 और कांग्रेस को एक सीट पर रखा था। हालांकि, वास्तविक परिणामों में AAP ने 70 में से 67 सीटों पर कब्जा किया, BJP केवल 3 और कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।

किसी भी पोल ने AAP के 60 से अधिक सीटें जीतने का अनुमान नहीं लगाया था, और केवल एक (ऐक्सिस माई इंडिया) ने पार्टी को 50 से अधिक सीटें दी थीं। दूसरी ओर, अधिकांश पोल्स ने BJP की ताकत को काफी ज्यादा आंका था, जिसमें केवल एक पोल ने इसे 20 से कम सीटों पर रखा था।

2020 के दिल्ली विस चुनाव में एक्जिट पोल का क्या हुआ था हाल-

2020 में एग्जिट पोल्स वास्तविकता के करीब थे, लेकिन फिर भी AAP के अंतिम आंकड़े को कम आंका गया। आठ पोल्स के औसत ने AAP को 54 और BJP को 15 सीटें दी थीं। वास्तविक परिणाम? AAP ने 62 सीटें जीतीं, जो अनुमान से 8 सीटें अधिक थीं, जबकि BJP को केवल 8 सीटें मिलीं। कांग्रेस एक बार फिर साफ हो गई, जिसे आठ में से पांच एग्जिट पोल्स ने सही भविष्यवाणी की थी।

इंडिया टुडे-ऐक्सिस माई इंडिया पोल सबसे करीब रहा, जिसने AAP को 59-68 और BJP को 2-11 सीटों के दायरे में रखा था। हालांकि, अन्य पोल्स BJP की संभावनाओं को लेकर ज्यादा आशावादी थे और 20 से अधिक सीटों का अनुमान लगा रहे थे।

सिर्फ दिल्ली विस चुनाव ही नहीं, लगातार फेल हो रहे एक्जिट पोल-

दिल्ली के चुनाव ही ऐसे नहीं हैं जहां एग्जिट पोल्स गलत साबित हुए हों। 2024 के लोकसभा चुनावों में, लगभग सभी प्रमुख एग्जिट पोल्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले भाजपा गठबंधन की भारी जीत का अनुमान लगाया था, जिसमें 350 से अधिक सीटें मिलने की भविष्यवाणी की गई थी। लेकिन वास्तविक परिणामों में भाजपा और उसके सहयोगियों को केवल 293 सीटें मिलीं, जिसके बाद कई पोलिंग एजेंसियों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और अपनी कार्यप्रणाली की जांच की मांग उठी।
इसी तरह, पिछले साल हरियाणा के चुनावों में एग्जिट पोल्स ने कांग्रेस की जीत का अनुमान लगाया था, लेकिन अंतिम परिणाम उम्मीदों से परे रहे। इन गलतियों ने एग्जिट पोलिंग की चुनौतियों को उजागर किया है, जिनमें सीमित सैंपल साइज, नॉन-रिस्पॉन्स बायस और रियल टाइम में मतदाता व्यवहार में बदलाव को कैप्चर करने में कठिनाई शामिल है।

क्या है इस बार AAP-BJP- Congress का चुनावी समीकरण-

बता दें कि इस विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आप दिल्ली की सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पार्टी 2013 से दिल्ली में सत्ता में है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव आप को 62 सीटें आई थीं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) 68 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। बता दें कि बीजेपी दिल्ली में पिछले 28 साल से सत्ता से बाहर है। कांग्रेस, जिसने दिल्ली में 15 साल लगातार शासन किया, पिछले दो चुनावों में कोई सीट नहीं जीत पाई है।

दिल्ली विधानसभा में कितनी सीटें, कितने मतदाता-

दिल्ली के 70 विधानसभा सीटों पर कुल 699 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। दिल्ली में 1,561,400 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें 837,617 पुरुष, 723,656 महिलाएं, और 1,267 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं। इनमें 239,905 पहली बार के मतदाता हैं, जिनकी उम्र 18-19 वर्ष है, 109,368 बुजुर्ग मतदाता हैं जिनकी उम्र 85 वर्ष और उससे अधिक है, और 79,885 विकलांग मतदाता हैं।

 

Delhi Exit Poll 2025: दिल्ली का महासंग्राम, एग्जिट पोल्स के नतीजों में BJP को स्पष्ट बहुमत, AAP पिछड़ी, कांग्रेस का खुल सकता है खाता

 

Advertisement
First Published - February 5, 2025 | 7:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement