facebookmetapixel
ARPU में उछाल की उम्मीद, इन Telecom Stocks पर ब्रोकरेज ने जारी की BUY कॉल, जान लें टारगेट्सRevised ITR की डेडलाइन निकल गई: AY 2025-26 में अब भी इन तरीकों से मिल सकता है रिफंडएक्सिस सिक्युरिटीज ने चुने 3 टे​क्निकल पिक, 3-4 हफ्ते में दिख सकता है 14% तक अपसाइडNFO Alert: Kotak MF का नया Dividend Yield Fund लॉन्च, ₹100 से निवेश शुरू; किसे लगाना चाहिए पैसा?2020 Delhi riots case: उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत से इंकारब्रोकरेज ने इन 2 IT Stocks को किया डाउनग्रेड, कहा – आईटी सेक्टर में पोजिशन घटाने का वक्तBudget 2026: 1 फरवरी या 2 फरवरी? जानें निर्मला सीतारमण किस दिन पेश करेंगी बजटवेनेजुएला के बाद ट्रंप इन देशों में कर सकते हैं मिलिट्री एक्शन?IRCTC New Rule: रेलवे ने बदले टिकट बुकिंग नियम, आधार लिंक नहीं तो इस समय नहीं कर सकेंगे बुकिंगQ3 अपडेट के बाद FMCG स्टॉक पर ब्रोकरेज पॉजिटिव, बोले – खरीद लें; ₹900 तक जाएगा भाव

अब बढ़ेंगी आतंकवादी बीमा की प्रीमियम दरें

Last Updated- December 08, 2022 | 6:04 AM IST

बीमा कंपनियों ने मुंबई में हुई आंतकवादी घटनाओं के बाद काफी बड़ी राशि के दावे आने की संभावना बताई है।


बीमा कंपनियों का कहना है कि आंतकवाद निधि में हमनें सात सौ करोड़ रुपये के कोष को एकत्रित कर रखा था, लेकिन इस कोष का 70 फीसदी इस घटना के बाद उठने वाले दावों में खर्च हो जाएगा। इन दावों के भुगतान में खत्म होती आंतकवादी निधि को फिर से भरने के लिए बीमा कंपनियों ने प्रीमियम को बढ़ाने की योजना बनाई है।

औद्योगिक समूहों के शुरूआती आंकड़ों के हिसाब से मुबंई में हुए आंतकवादी हमलों से बीमा कंपनियों को 500 करोड़ रुपये का सीधा झटका लगेगा। इस घटना के बाद उठने वाले दावों का भुगतान आंतकवादी निधि से ही किया जाएगा।

ताज होटल का बीमा करने वाली एक कंपनी के अधिकारी का कहना है कि देश की विरासतों में से एक होने के कारण ताज होटल का दावा ही 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का होगा।

गौरतलब है कि ताज होटल में हुए नुकसान का आकलन ताज होटल चैन की कंपनी इंडियन होटल्स कर रही है।


अमेरिका में 9-11 के हमलों के बाद भारतीय बीमा कंपनियों ने मिलकर  आंतकवादी निधि के तौर पर 700 करोड़ रुपये का कोष इकट्ठा किया था।

सार्वजनिक क्षेत्र की एक बीमा कंपनी प्रमुख का कहना है कि हमारा प्रयास मुंबई में हुई आंतकवादी घटनाओं के बाद उठने वाले दावों की भरपाई के लिए भविष्य में प्रीमियम दरों को बढ़ाने का है।

इसके लिए हम बीमा नियामक एवं विकास परिषद से भी सहमति प्राप्त करने चाहते है। इसके अलावा कंपनियां वैश्विक पुनर्बीमा जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहीं हैं।

First Published - November 30, 2008 | 9:24 PM IST

संबंधित पोस्ट