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उत्तराखंड में नई आबकारी नीति की घोषणा हुई

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Last Updated- December 07, 2022 | 1:42 AM IST

उत्तराखंड सरकार ने अपनी नई आबकारी नीति की घोषणा करते हुए सभी दुकानों के लिए लाइसेंस फीस में 16 प्रतिशत बढ़ोतरी की है।


इसके अलावा चालू वित्त वर्ष के दौरान शुल्क के तौर पर 501 करोड़ रुपये जुटाने का नया लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों ने आज बताया कि नई आबकारी नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है।

इससे पहले सरकार ने चुनाव आचार संहिता के चलते वित्त वर्ष 2008-09 की आबकारी नीति को दो माह के लिए टाल दिया था। नई नीति के तहत सभी 471 शराब की दुकानों के लिए लाइसेंस फीस में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। ऐसा बढ़े हुए राजस्व लक्ष्य को हासिल करने के लिए किया गया है। प्रत्येक दुकान के लिए न्यूनतम गारंटी शुल्क को 10 प्रतिशत से 27 प्रतिशत के बीच तय किया गया है।

आबकारी सचिव रनवीर सिंह ने बताया कि शराब की दुकानों के ताजा आवंटन को 15 जून से पहले अंतिम रूप दे दिया जाएगा। सरकार ने वर्ष 2007-08 के दौरान आबकारी के जरिए 425 करोड़ रुपये उगाहे थे जबकि इस दौरान 417 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया था।

चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने 501 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। यह आंकड़ा बीते वर्ष के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है। अधिकारियों ने बताया कि सरकार नई दुकानों को खोलकर शराब के कारोबार को बढ़ा सकती है। नई योजना के मुताबिक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में शराब की करीब 40 नई दुकानें खोलने का प्रस्ताव है। 

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First Published - May 25, 2008 | 11:33 PM IST

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