facebookmetapixel
Advertisement
रूरल डिमांड के दम पर जनवरी में कारों की बिक्री 7% बढ़ी, ह्यूंदै बनी नंबर- 2 कार मैन्युफैक्चरर: FADAGold, Silver Price Today: एमसीएक्स पर सोना ₹2,065 की गिरावट के साथ खुला, चांदी भी फिसली₹929 का शेयर उड़ेगा ₹1,880 तक? इस IT Stock पर ब्रोकरेज ने लगाया बड़ा दांवकार से लेकर बाइक तक बंपर बिक्री, जानें मोतीलाल ओसवाल ने किस Auto Stock पर दी BUY की सलाहFractal Analytics vs Aye Finance IPO: किसमें कमाई का मौका, किसमें छुपा है बड़ा खतरा?Stocks to Watch Today: Titan, BSE, Aurobindo समेत ये शेयर रहेंगे फोकस मेंStock Market Today: ओपन होते ही बाजार में रफ्तार, सेंसेक्स 144 अंक बढ़त के साथ खुला, निफ्टी 25,900 के पारलोक सभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष, राहुल गांधी की मांग पर अड़ी विपक्षी पार्टियां16वें वित्त आयोग की नई अंतरण व्यवस्था: राज्यों के लिए फायदे-नुकसान और उठते सवालAI Impact Summit 2026: पंजीयन के नाम पर वसूली से बचें, इंडिया AI मिशन ने जारी किया अलर्ट

Manipur Violence: शाह ने कई लोगों से की बात, सख्त कार्रवाई का निर्देश

Advertisement
Last Updated- May 30, 2023 | 11:25 PM IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर की चार दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन मंगलवार को कुकी नागरिक समाज के नेताओं से बातचीत करने चुराचांदपुर गए। राज्य में 3 मई से शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक 80 लोगों की जान जा चुकी है।

चुराचांदपुर में हाल में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भीषण हिंसा हुई। शाह और केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने चर्च के नेताओं और कुकी समुदाय के बौद्धिक लोगों से मुलाकात की।

सरकार ने संघर्ष में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य के लिए नौकरी की घोषणा भी की। मुआवजा राशि का भार केंद्र और राज्य मिलकर वहन करेंगे।

यह निर्णय सोमवार देर शाम शाह और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के बीच बैठक के बाद लिया गया। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि पेट्रोल, एलपीजी गैस, चावल तथा अन्य खाद्य उत्पादों की कीमतों में कमी सुनिश्चित की जाएगी।

मंगलवार को शाह ने महिला नेताओं के एक समूह मीरा पैबी के साथ भेंट की और मणिपुर के समाज में महिलाओं की भूमिका की महत्ता को दोहराया। शाह ने इंफाल में सामाजिक नागरिक संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। गृह सचिव अजय कुमार भल्ला और खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार देका भी उनके साथ इंफाल गए हैं।

कांग्रेस नेताओं की राष्ट्रपति से मुलाकात

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री इबोबी सिंह समेत कांग्रेस नेताओं ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की।

उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले उच्च स्तरीय जांच आयोग से इस हिंसा की जांच कराने की मांग करते हुए 12 बिंदुओं वाला एक चार्टर उन्हें सौंपा जो शांति बहाली में मददगार हो सकता है।

बाद में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भाजपा और आरएसएस की ‘फूट डालो-राज करो’ की नीति को मौजूदा हालात का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि गत 22 सालों में यह दूसरा अवसर है जब मणिपुर जल रहा है। पिछली बार ऐसा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के कार्यकाल में हुआ था। इबोबी सिंह ने आश्चर्य जताया कि प्रधानमंत्री और शाह अब तक खामोश क्यों बने रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में हिंसा को जारी रहने दिया गया।

उधर ओलिंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू समेत मणिपुर के 11 शीर्ष खिलाड़ियों ने शाह को सौंपे गए एक हस्ताक्षरित पत्र में मांग की कि मौजूदा संकट का हल निकाला जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द हालात सामान्य नहीं हुए तो वे अपने पुरस्कार और तमगे लौटा देंगे। हस्ताक्षर करने वालों में भारोत्तोलक कुंजरानी देवी और मुक्केबाज एल सरिता देवी शामिल हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 को खोलने की भी मांग की। उन्होंने यह मांग भी की कि कुकी उग्रवादी समूहों के विरुद्ध कार्रवाई को निलंबित करने वाले समझौतों को समाप्त किया जाए।

मणिपुर में गत 3 मई को जनजातीय एकता मार्च के बाद जातीय संघर्ष छिड़ गया था। पहाड़ी जिलों में आयोजित मार्च में मैतेई समुदाय के लोग अनुसूचित जनजाति का दर्जा मांग रहे थे। आरक्षित वन भूमि से कुकी गांववासियों को निकाले जाने के बाद वहां पहले से ही छिटपुट प्रदर्शन चल रहे थे।

मणिपुर की आबादी में 53 फीसदी मैतेई हैं और वे मुख्य रूप से इंफाल घाटी के इलाके में रहते हैं। नागा और कुकी जनजातियां आबादी का शेष 40 फीसदी हैं जो पहाड़ी इलाकों में रहते हैं।

मिजोरम की सरकार ने केंद्र सरकार से पांच करोड़ रुपये की सहायता राशि मांगी है ताकि उन 8,000 लोगों को तत्काल राहत दी जा सके जिन्होंने मणिपुर से आकर वहां शरण ली है। मणिपुर में हालात सामान्य करने के लिए 10,000 सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं।
(साथ में एजेंसियां)

Advertisement
First Published - May 30, 2023 | 11:25 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement