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महाराष्ट्र सरकार का ई-गवर्नेंस पर जोर, ऑनलाइन मिलेगा लर्निग लाइसेंस

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Last Updated- December 12, 2022 | 3:41 AM IST

नागरिकों को विभिन्न सुविधाएं आसानी से घर बैठे मिल सके, इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने ई-गवर्नेस आधारित कार्य पद्धति का इस्तेमाल करने के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश दिए हैं। इसकी शुरुआत करते हुए परिवहन ‌विभाग ने वाहनों के पंजीकरण और लर्निंग लाइसेंस की सुविधा को ऑनलाइन कर‌ दिया। जो काम ऑनलाइन हो सकते हैं, उन्‍हें अगले दो महीने में ऑनलाइन शुरू कर दिया जाएगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नवीनतम प्रणाली सारथी 4.0 की शुरुआत करते हुए कहा कि भविष्य में भी सरकारी विभागों की जो भी सुविधाएं ऑनलाइन मुहैया कराई जा सकती है, उन्‍हें मुहैया कराने के लिए ई-गवर्नेंस आधारित नई कार्य पद्धति को अपनाया जाए। महाराष्ट्र को विकास में अग्रणी राज्य बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नई तकनीक के माध्यम से महाराष्ट्र में बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए और साथ ही सुरक्षित यात्रा के साथ सामान्य जनता को ज्यादा से ज्यादा सेवा ऑनलाइन स्वरुप में मुहैया कराकर उनका समय, पैसा और मेहनत को कैसे बचाया जा सकता है, इसके लिए प्रयास किया जाना चाहिए। विभाग को तेज और पारदर्शी सेवाएं मुहैया कराते समय विभाग को सुरक्षित परिवहन सेवाओं के लिए प्राथमिकता देनी चाहिए।
परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आशीष कुमार सिंह ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से हम लोग प्रदेश में कोरोना महामारी के प्रकोप की चुनौती का सामना कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में भी विभाग ने ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से नई कार्य संस्कृति विकसित करने का प्रयास किया है। राज्य में हर साल 15 लाख से ज्यादा लर्निंग लाइसेंस मुहैया कराए जाते हैं और उसी तरह से 20 लाख से ज्यादा नए वाहन भी पंजीकृत किए जाते हैं। एक अनुमान के अनुसार, नागरिकों का करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होता है। अब इन सेवाओं को ऑनलाइन मुहैया कराने से खर्च में बचत होगी। नागरिकों का समय और मेहनत भी बचेगी। इसी तरह से इन कामों को करने के लिए करीब 200 अधिकारियों के कामकाज का बोझ भी कम करने में भी मदद मिलेगी और इसके परिणामस्वरुप विभाग के काम की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
परिवहन मंत्री अनिल परब ने कहा कि मौजूदा समय में कोरोना महामारी प्रकोप के दौरान बगैर भीड़ जुटाए विभाग का नियमित कामकाज जारी रखने के लिए यह पहल अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। विभाग द्वारा अब तक जनहित की 85 सेवाओं को ऑनलाइन मुहैया कराया जा चुका गया हैं। परिवहन आयुक्त अविनाश ढाकणे ने कहा कि जिन सेवाओं को ऑनलाइन मुहैया कराया जा सकता है, उन्हें अगले दो महीने में मुहैया करा दिया जाएगा। लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं है। नए वाहन का पंजीकरण करने के लिए इससे पहले वाहन की जांच मोटर वाहन निरीक्षकों के माध्यम से किया जाता था। अब इस पद्धति से जांच करने की आवश्यकता नहीं है। अब नए वाहनों का वितरक के स्तर पर तत्काल पंजीकरण किया जाएगा। दस्तावेजों में डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) का इस्तेमाल करते हुए ई-हस्ताक्षर पद्धति से तैयार किया जाएगा। कार्यालय में वाहन अथवा दस्तावेजों को पेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। वाहन वितरकों द्वारा टैक्स और शुल्क का भुगतान करते ही वाहन क्रमांक जारी कर दिया जाएगा
 

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First Published - June 15, 2021 | 8:37 PM IST

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