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कपूरथला कोच फैक्ट्री का होगा विस्तार

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Last Updated- December 05, 2022 | 11:04 PM IST

रेलवे कोच की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) के लिए 170 करोड़ रुपये निवेश वाली विस्तार योजना तैयार की गई है।


रेल मंत्रालय ने उत्पादन क्षमता को 1,000 कोच से बढ़ाकर 1,500 कोच प्रतिवर्ष करने की योजना बनाई है। इसके लिए 92 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके अलावा 68 करोड़ रुपये के निवेश से एक पहिया विनिर्माण फैक्टरी लगाने का फैसला भी किया गया है। यह फैक्टरी एक साल में 1,900 कोच के लिए पहियों का विनिर्माण करेगी। इसके अलावा डिजायन में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए अलग से 10 करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे।


आरसीएफ के महाप्रबंधक एस के सूरी ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत के दौरान बताया कि ‘नई पहिया विनिर्माण फैक्टरी की स्थापना के अलावा हम अपनी कोच फैक्टरी के विस्तार के लिए 170 करोड़ रुपये निवेश करने जा रहे हैं। शुरुआत में हम कोच विनिर्माण क्षमता को बढ़ाकर 1,000 कोच प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 14,00 कोच प्रतिवर्ष करने के लिए 55 करोड़ का निवेश करेंगे। प्रस्तावित विस्तार के इस साल के दौरान पूरा होने की उम्मीद है।’


उन्होंने बताया कि अगले चरण के दौरान हम क्षमता को 1400 कोच से बढ़ाकर 1500 कोच करने के लिए 37 करोड़ रुपये और खर्च करेंगे। यह काम अगले वित्त वर्ष के दौरान पूरा होगा। उन्होंने बताया कि कंपनी ने इसके बाद उत्पादन क्षमता को 1,500 कोच से बढ़ाकर 1,800 कोच करने की योजना बनाई है, जिसके लिए अभी मंजूरी का इंतजार है। प्रस्तावित विस्तार के लिए कुल 250 करोड़ रुपये का निवेश होने का अनुमान है।


सूरी ने बताया कि ‘इसके अलावा हमने 68 करोड़ रुपये निवेश से एक पहिया फैक्टरी लगाने की योजना बनाई है। प्रस्तावित इकाई के चालू वित्त वर्ष के दौरान तैयार होने की उम्मीद है और इसमें प्रतिवर्ष 1,900 कोचों के लिए पहियों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा हम 10 करोड़ रुपये की लागत से एक बेहतरीन डिजायन केन्द्र की स्थापना भी करेंगे।’ उन्होंने कहा कि इन विस्तार योजनाओं को रेल मंत्रालय की मंजूरी मिल चुकी है।


आरसीएफ ने वर्ष 2007-08 के दौरान रिकार्ड 1480 कोच का उत्पादन किया था जबकि इस दौरान 1438 कोच के उत्पादन का लक्ष्य था। इस दौरान सेनेगाल-माली को 24 कोच का निर्यात भी किया गया। इस अवधि में आरसीएफ ने राजधानी रेलगाड़ियों के लिए स्टेनलेस स्टील के कोच का निर्माण भी किया। इसके अलावा गरीब रथ और 16 विज्ञान एक्सप्रेस के डिब्बे भी यहां तैयार किए गए।


फैक्टरी ने यात्रियों की सुरक्षित यात्रा तय करने के लिए टक्कररोधी कोच का विनिर्माण भी शुरू किया है। इस प्रणाली के तहत डिब्बों के किनारों में उच्च प्रभावी ऊर्जा को सोखने की क्षमता होती है और टक्कर होने पर बीच में यात्री सुरक्षित रहते हैं।


आरसीएफ ने वर्ष 2007-08 के दौरान ऐसे 108 कोच का विनिर्माण किया और वर्ष 2008-09 के दौरान ऐसे 300 डिब्बे तैयार करने योजना है। आरसीएफ ने वर्ष 2008-09 के दौरान 1,550 कोच तैयार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसमें राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस रेलगाड़ियों के लिए स्टेनलेस स्टील के 150 कोच और अन्य एक्सप्रेस रेलगाड़ियों के लिए ऐसे 100 कोच तैयार किए जाएंगे।

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First Published - April 23, 2008 | 10:24 PM IST

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