facebookmetapixel
फ्लाइट में पावर बैंक पर सख्ती: DGCA के आदेश के बाद एयरलाइंस ने बदला नियम, यात्रियों के लिए अलर्टZomato हर महीने 5,000 गिग वर्कर्स को नौकरी से निकालता है, 2 लाख लोग खुद छोड़ते हैं काम: गोयलनया इनकम टैक्स कानून कब से लागू होगा? CBDT ने बताई तारीख, अधिकारियों से तैयार रहने को कहाUS Venezuela Attack: वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई: वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्या असर?GST में बदलाव के बाद भी SUV की यूज्ड कार मार्केट पर दबदबा बरकरार, युवा खरीदारों की पहली पसंदक्या बीमा कंपनियां ग्राहकों को गलत पॉलिसी बेच रही हैं? IRDAI ने कहा: मिस-सेलिंग पर लगाम की जरूरतजिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैप

कानपुर शेयर बाजार को है सेबी की मंजूरी का इंतजार

Last Updated- December 05, 2022 | 4:48 PM IST

कानपुर स्थित उत्तर प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की सदस्यता हासिल करने के लिए सेबी की मंजूरी मिल सकती है।


 माना जा रहा है कि एम दामोदरन की जगह चंद्र शेखर भावे द्वारा सेबी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद सदस्यता के मुद्दे पर सेबी अपने रुख में बदलाव ला सकता है।


इससे पहले दामोदरन ने एनएसई के साथ गठजोड़ के लिए मद्रास स्टॉक एक्सचेंज के आवेदन को खारिज कर दिया था। लेकिन भावे के आने के बाद इस फैसले पर फिर से विचार किया और अब मंजूरी दी जा चुकी है। इस फैसले के तहत मद्रास स्टॉक एक्सचेंज को एनएसई को 3 करोड़ रुपये देने होंगे और उसके ब्रोकर एनएसई के प्लेटफार्म पर कारोबार कर सकते हैं।


 यूपीएसई ने भी दो साल पहले इसी तरह का आवेदन किया था लेकिन सेबी ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया। इसके बाद यह माना गया कि सेबी अनुमति देने का इच्छुक नहीं है।यूपीएसई के प्रशासक के डी गुप्ता ने बताया कि मद्रास स्टॉक एक्सचेंज को अनुमति मिलने के बाद उम्मीद है कि आगे भी ऐसी मंजूरियां दी जाएंगी। ट्रेडिंग के वैकल्पिक कारोबार के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, लुधियाना और जयपुर स्टॉक एक्सचेंज के साथ आने के लिए एक बैठक के दौरान चर्चा हुई है।


दिल्ली शेयर बाजार सिडबी  आईआईबीआई और डीएसई को मिलाकर एक अन्य टे्रडिंग प्लेटफार्म बनाने पर भी विचार कर रहा है। लेकिन अभी कोई भी अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है। क्षेत्रीय शेयर बाजारों में हिस्सेदारी हासिल करने की नास्दक की इच्छा के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि नास्दक का भारत में एक प्रतिनिधि है लेकिन यह निर्णय करने के लिए अधिकृत नहीं है। वह केवल बातचीत कर सकता है।


 इसलिए कोई भी क्षेत्रीय शेयर बाजार नास्दक के साथ गठजोड़ नहीं कर सकता है।गुप्ता ने कहा कि एक ट्रेडिंग प्लेटफार्म तैयार करना आसान नहीं है। बात सिर्फ इतनी सी नहीं है कि कुछ शेयर साथ आएं और मिल जाएं। तीसरा प्लेटफार्म तभी तैयार होगा जबकि इसे विशेष तौर से तैयार किया जाए। यदि कहा जाए कि 20 करोड़ रुपये या इससे कम चुकता पूंजी वाले शेयरों को तीसरे प्लेटफार्म पर सूचीबद्ध किया जाएगा।


ऐसा होने पर बड़ी संख्या में खरीदार मिलेंगे। इसके बिना कोई नहीं आएगा और कोई वैकल्पिक प्लेटफार्म नहीं तैयार होगा। उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय स्टॉक एक्सचेंज में न के बारबर कारोबार होता है।

First Published - March 20, 2008 | 9:45 PM IST

संबंधित पोस्ट