facebookmetapixel
Advertisement
पेपर लीक के खिलाफ कानून में संशोधन को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी, सोमवार को संसद में पेश होगा विधेयकभारी बारिश और बाढ़ का कहर: गुजरात में सेना ने संभाला मोर्चा, असम-महाराष्ट्र में भी हालात गंभीरचार साल के निचले स्तर पर पहुंची निजी कारोबारी गतिविधियां, महंगाई और पश्चिम एशिया तनाव से सुस्त पड़ी रफ्तारफ्रंट-रनिंग मामले में ऐक्सिस MF के पूर्व डीलर वीरेश जोशी पर 7 साल का प्रतिबंध, 3 करोड़ का जुर्माना भीरसायन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम, 3,030 करोड़ रुपये की ‘भव्य-रसायन’ योजना मंजूरCBDT को वित्त मंत्री की सख्त हिदायत, कहा: अभी भी 5.4 लाख अपीलें लंबित, मुकदमेबाजी रणनीति की करें समीक्षाUS Tariff on India: अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाया 10% टैरिफ, धारा 301 के तहत हुई कार्रवाईUpcoming IPO: देश का सबसे बड़ा हेल्थकेयर IPO ला रही मणिपाल हेल्थ, 29 जुलाई से खुलेगा इश्यूHindustan Zinc Q1 Results: दोगुने से ज्यादा बढ़ा मुनाफा, 5,469 करोड़ रुपये पर पहुंचा आंकड़ाबिना इंटरनेट चलने वाले Bitchat ऐप पर सरकार का शिकंजा, GitHub से कोड हटाने का दिया निर्देश

सीपत में मिलेगी मुफ्त शिक्षा और नौकरी

Advertisement
Last Updated- December 06, 2022 | 9:45 PM IST

छत्तीसगढ़ सरकार नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) की सीपत पावर प्लांट से प्रभावित परिवार के युवाओं को मुफ्त तकनीकी शिक्षा देने के फैसले पर विचार कर रही है।


सरकार ने संयंत्र से प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें उसी संयंत्र में नौकरी दी जाएगी। तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री कृष्णमूर्ति बांधी ने बताया, ‘इस विशेष मामले को ध्यान में रख कर सरकार संयंत्र से प्रभावित परिवार के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने पर विचार-विमर्श कर रही है।


उसी के आधार पर बाद में इन युवाओं को एनटीपीसी के सीपत बिजली संयंत्र में नौकरी भी दी जाएगी।’ बहरहाल, विभाग ने सीपत बिजली संयंत्र से प्रभावित परिवार के बच्चों के लिए दाखिला संबंधी प्रावधानों में छूट दे दी है। बांधी ने बताया, ‘न्यूनतम शिक्षा योग्यता और उम्र को छोड़कर सरकार द्वारा अन्य दाखिला संबंधी प्रावधानों में छूट दे दी गई है, ताकि बच्चों को आसानी से दाखिला मिल सके ।’


योग्य छात्रों को तखातपुर और बिलहा स्थित दो इंडस्ट्रीयल ट्रेनिंग इंस्टीटयूट्स (आईटीआई) में दाखिला मिलेगा। यह दोनों संस्थान बिलासपुर के पास ही स्थित हैं। बांधी ने बताया कि करीब 50 युवाओं को संस्थान की पहली बैच में ट्रेनिंग दी जाएगी। वे सभी छात्र अगले दो साल में पास होंगे।


इससे पहले एनटीपीसी और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच विस्थापितों को रोजगार देने के मसले पर गतिरोध कायम हो गया था। इसके चलते राज्य सरकार ने संयंत्र को पानी की आपूर्ति रोक दी और उत्पादन ठप हो गया। हालांकि बाद में केन्द्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद विवाद को सुलझा लिया गया और मंगलवार से संयंत्र में दोबारा उत्पादन शुरू हो गया है।

Advertisement
First Published - May 7, 2008 | 9:48 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement