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यूपी के जर्जर पुलों का कायाकल्प होगा

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Last Updated- December 12, 2022 | 8:00 AM IST

उत्तर प्रदेश में दशकों से जर्जर और क्षतिग्रस्त हजारों छोटे और बड़े पुलों का कायाकल्प किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए 100 दिन की समयसीमा निर्धारित की है।
रविवार को मुख्यमंत्री ने 100-150 वर्ष से पुरानी नहरों के पुल-पुलियों के जीर्णोद्धार के महाभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि इन कामों की गुणवत्ता का सत्यापना जनप्रतिनिधि करेंगे और सभी कामों की जियो टैगिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सिंचाई व जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए हैं कि इस काम को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए को इसे अगले 100 दिन में पूरा कर लिया जाए।
अभियान की शुरुआत करते हुए रविवार को मुख्यमंत्री ने सभी सबंधित जिलों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में नहरों पर लगभग 70,000 पुल-पुलिया निर्मित हैं, जिनमें से लगभग आधी कमोबेश क्षतिग्रस्त हैं। प्रदेश के इतिहास में पहली बार समूचे राज्य की नहरों की क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों के जीर्णोद्धार का कार्य एक महा-अभियान के रूप में किया जा रहा है। इस अभियान से आम जन को आवागमन की सुविधा के साथ कृषकों को भी अपने खेत खलिहानों तक पहुंचने में सुविधा होगी।  प्रदेश के सभी जिलों  में नहरों पर स्थित 25,050 क्षतिग्रस्त पुल पुलियों का जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण किया जाएगा।  इसमें 3,508 पुल-पुलियों का नवनिर्माण भी शामिल है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के लिए वित्तीय व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्‍य नहर प्रणालियां 100 वर्षों से भी अधिक पुरानी है। पूर्वी यमुना नहर प्रणाली लगभग 190 वर्ष, ऊपरी गंगा नहर प्रणाली 166 वर्ष, निचली गंगा नहर प्रणाली 142 वर्ष, बेतवा व केन नहर प्रणाली 135 वर्ष, धसान नहर प्रणाली 113 वर्ष एवं शारदा नहर प्रणाली 92 वर्ष पुरानी है। इन पर बने ज्यादातर पुल-पुलिया अपनी आयु पूरी कर चुके हैं। पुरानी नहर प्रणालियों में पुरानी तकनीकों व तब की आवश्यकता अनुसार पुल बनाए गए थे। बदलते समय के साथ इन पुलों से गुजरने वाले वाहनों की संख्‍या में खासी वृद्धि हुई है, वहीं दूसरी ओर वाहनों की क्षमता एवं भार भी बढ़ता गया। नतीजतन, नहरों पर निर्मित पुल क्षतिग्रस्त होते चले गए। ऐसे में राज्य सरकार इसे अभियान का रूप देते हुए मिशन मोड में काम करने जा रही है। जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र ने मुयमंत्री से भरोसा जताया कि नहरों के जीर्णोद्धार का काम अगले 100 दिनों ने पूरा कर लिया जाएगा।

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First Published - February 22, 2021 | 12:09 AM IST

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