facebookmetapixel
Bonus Stocks: अगले हफ्ते दो कंपनियां देंगी बोनस, निवेशकों को बिना लागत मिलेंगे एक्स्ट्रा शेयरअंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए राहत, रेड चैनल पर कस्टम्स अधिकारी अब हर कदम करेंगे रिकॉर्ड!Zomato CEO ने गिग वर्क मॉडल का बचाव किया, कहा 10.9% बढ़ी कमाईApple ने भारत में बनाई एंकर वेंडर टीम, ₹30,537 करोड़ का निवेश; 27 हजार से अधिक को मिलेगा रोजगारप्राइवेट बैंक बने पेंशन फंड मैनेजर, NPS निवेशकों को मिलेंगे ज्यादा विकल्पअश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूत

मप्र: बकाया भुगतान पर सहमति

Last Updated- December 09, 2022 | 6:45 PM IST

मध्य प्रदेश के कर्मचारियों ने बकाया राशि पर तुरंत भुगतान नहीं किए जाने के सरकारी फैसले को स्वीकार करने के लिए अपनी सहमति व्यक्त कर दी है। यह राशि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन के बाद दिए जाने थे।


कर्मचारियों की बकाया राशि जनवरी 2006 से लेकर 31 अगस्त 2008 तक बाकी है। राज्य सरकार के सामने अपने कर्मचारियों की बकाया राशि के भुगतान के लिए 8000 करोड़ रुपये धनराशि की व्यवस्था करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।

तृतीय श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण कैलासिया ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘हम लोगों ने हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की है और उन्होंने कहा है कि मौजूदा आर्थिक मंदी के बीच उनकी सरकार बकाया राशि का नकद भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं।’

कैलासिया ने बताया, ‘इस महीने के 9 तारीख को हम लोगों ने सभी कर्मचारी संघों की एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में हम लोग उन कर्मचारी संघों को बताएंगे कि कर्मचारियों के हित के लिए हम लोगों को बकाया राशि की नकद भुगतान की मांग को छोड़ देना चाहिए और इसके बदले उस बकाया राशि को कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि खातों में जमा हो जाना चाहिए।’

उन्होंने बताया कि इस बकाया राशि की निकासी पांच वर्षों के लिए वर्जित होना चाहिए। लेकिन जो सेवानिवृत हो जाएंगे वे अपने बकाया राशि निकालने के  लिए हकदार होंगे।

कैलासिया ने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि इस वक्त राज्य बहुत कठिन वित्तीय परिस्थितियों  से गुजर रहा है।

First Published - January 7, 2009 | 8:45 PM IST

संबंधित पोस्ट