facebookmetapixel
Advertisement
टाटा कैपिटल का रिवॉल्विंग क्रेडिट एक्सपोजर 5% से कम, RBI के नए प्रस्ताव से कंपनी पर पड़ेगा सीमित असररूस से तेल खरीद पर 100% अमेरिकी टैरिफ की धमकी, भारत-अमेरिका वार्ता में बढ़ सकता है दबाव‘ग्रामीण भारत तक पहुंचे बैंकिंग AI, तभी असली सफलता होगी हासिल’, SBI चेयरमैन सीएस शेट्टी की सलाहपांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट तेज, भाजपा-सपा-कांग्रेस-बसपा समेत दलों ने कसी कमरBrand Canvas 2026: VIT की ‘पावर रेंजर्स’ ने जीता बीस्मार्ट की पहली विज्ञापन प्रतियोगिता का खिताबY2K से AI के दौर तक: 1991 के आर्थिक सुधारों ने कैसे बदल डाली भारतीय IT इंडस्ट्री की पूरी तस्वीरCrypto Regulation: अमेरिका के क्रिप्टो बिल से भारत के VDA फ्रेमवर्क पर बढ़ा ध्यान, संसदीय समिति ने की नियम बनाने की मांगनई मर्सिडीज-BMW हुई मंहगी तो पुरानी लक्जरी कारों की बिक्री में आया उछाल, युवा खरीदारों की बनी पसंद‘जिम्मेदारी से करें AI का इस्तेमाल, हर फैसले के लिए आप होंगे जवाबदेह’, RBI गवर्नर ने दी बैंकों को हिदायतगौतम अदाणी को अमेरिका में बड़ी कानूनी जीत, वायर और सिक्योरिटी फ्रॉड के आरोप पूरी तरह रद्द

2035 तक दुनिया में ‘रेयर अर्थ मैग्नेट’ की लूट मचेगी – और भारत अब भी तैयार नहीं!

Advertisement

चीन ने किया 'रेयर अर्थ मैग्नेट' का एक्सपोर्ट बैन, भारत के EV और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर मंडराया संकट

Last Updated- August 07, 2025 | 2:28 PM IST

सिर्फ़ एक छोटा सा पार्ट… जो ना हो तो ना बनेगा इलेक्ट्रिक स्कूटर… ना कार… और ना ही आपका एयरपॉड। लेकिन अब चीन ने उसकी सप्लाई रोक दी है। और भारत की कंपनियों के सामने खड़ा हो गया है एक ऐसा संकट… जो करोड़ों का नुकसान कर सकता है।”

“ये पार्ट EV की मोटर में लगता है, एयरपॉड्स में, ड्रोन में… इसे कहते हैं ‘रेयर अर्थ मैगनेट’। कीमत? बस गाड़ी की कुल लागत का 1 से 3 फीसदी। लेकिन इसके बिना कुछ नहीं बनता।”

Advertisement
First Published - August 6, 2025 | 2:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement