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पासपोर्ट बनवाने के नियमों में बड़ा बदलाव; जानें डिजिटल एड्रेस, जन्म प्रमाण पत्र और कलर-कोडिंग से जुड़ी नई शर्तें

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1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्म लेने वाले आवेदकों को अब जन्म प्रमाण पत्र देना जरूरी होगा।

Last Updated- March 11, 2025 | 9:19 AM IST
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Representative Image

अगर आप नया भारतीय पासपोर्ट बनवाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट आवेदन के नियमों में बदलाव किए हैं, जिससे अब दस्तावेज़ी प्रक्रिया पहले से सख्त हो गई है। आइए जानते हैं इन नए नियमों के 5 अहम पॉइंट्स:

1. अब जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य

1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्म लेने वाले आवेदकों को अब जन्म प्रमाण पत्र देना जरूरी होगा। यह प्रमाण पत्र नगर निगम, जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार या “जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969” के तहत मान्यता प्राप्त किसी संस्था द्वारा जारी होना चाहिए।

2. पुराने आवेदकों के लिए विकल्प

1 अक्टूबर 2023 से पहले जन्मे लोग अब भी निम्नलिखित दस्तावेजों में से किसी एक का उपयोग कर सकते हैं:

  • सरकारी सेवा रिकॉर्ड की कॉपी
  • पैन कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र
  • मैट्रिक सर्टिफिकेट

3. डिजिटल रूप से एम्बेड होगा पता

अब पासपोर्ट के आखिरी पेज पर रेजिडेंशियल एड्रेस (निवासी पता) नहीं छापा जाएगा। सुरक्षा और प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए यह जानकारी अब पासपोर्ट में एक बारकोड के रूप में एम्बेड होगी। जरूरत पड़ने पर इमिग्रेशन अधिकारी इसे स्कैन कर जानकारी हासिल कर सकेंगे।

4. रंगों के आधार पर पासपोर्ट की नई पहचान

पहचान को आसान बनाने के लिए अब पासपोर्ट के रंगों का कोडिंग सिस्टम लागू किया गया है—

  • सफेद पासपोर्ट सरकारी अधिकारियों को मिलेगा।
  • लाल पासपोर्ट राजनयिकों (डिप्लोमैट्स) के लिए होगा।
  • नीला पासपोर्ट आम नागरिकों को जारी किया जाएगा, जैसा पहले होता था।

5. माता-पिता के नाम की अनिवार्यता खत्म

अब पासपोर्ट के आखिरी पेज पर माता-पिता का नाम छापने की जरूरत नहीं होगी। यह बदलाव सभी पासपोर्ट धारकों की प्राइवेसी को बेहतर बनाएगा। खासतौर पर यह उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो सिंगल पैरेंट या अलग हुए माता-पिता के परिवार से आते हैं।

6. पासपोर्ट सेवा केंद्रों का होगा विस्तार, अगले 5 साल में 600 तक बढ़ाने की योजना

सरकार ने पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्रों (POPSKs) की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। मौजूदा 442 सेवा केंद्रों को अगले पांच साल में 600 तक बढ़ाया जाएगा। इस कदम का मकसद पासपोर्ट सेवाओं को तेज और ज्यादा सुलभ बनाना है।

इसके लिए डाक विभाग और विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने बीच हुए समझौते (MoU) को अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया है। इससे देशभर में लोगों को पासपोर्ट बनवाने की सुविधा और आसान हो जाएगी।

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First Published - March 11, 2025 | 9:19 AM IST

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