facebookmetapixel
Advertisement
‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावना

Bank vs Fintech: कहां मिलेगा सस्ता और आसान क्विक लोन? समझें पूरा नफा-नुकसान

Advertisement

बैंकिंग एक्सपर्ट मोहित गांग ने बैंक और फिनटेक से लोन लेने के फायदे और नुकसान के बारे में विस्तार से समझाया है

Last Updated- September 12, 2025 | 5:50 PM IST
Bank vs Fintech
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

मान लीजिए आपको अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए और आपको लोन लेना पड़े तो आपके दिमाग में पहला सवाल क्या आएगा? निश्चित रूप से आपके विचार में यही आएगा कि लोन बैंक से ले या फिनटेक प्लेटफॉर्म से? एक तरफ बैंक, जहां ब्याज दरें अपेक्षाकृत कम हैं लेकिन प्रक्रिया लंबी और डॉक्यूमेंट की भारी झंझट। दूसरी तरफ फिनटेक कंपनियां हैं, जो मिनटों में लोन अप्रूव और डिस्बर्स कर देती हैं, लेकिन इसकी ब्याज दरें ज्यादा होती हैं। आधुनिक दौर में जब समय को ही पैसा माना जाता है, तब लोग अक्सर तेज और आसान रास्ता चुनते हैं। लेकिन क्या यह हर किसी के लिए सही विकल्प है?

मनीफ्रंट के CFA और बैंकिंग एक्सपर्ट मोहित गांग ने इसी मुद्दे पर बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में अपनी राय दी। उन्होंने विस्तार से बताया कि कब फिनटेक प्लेटफॉर्म सही हैं और कब बैंक से लोन लेना बेहतर साबित होता है।

क्विक लोन चाहिए तो कौन बेहतर?

मोहित गांग का कहना है कि तुंरत लोन यानी इंस्टेंट लोन के लिए फिनटेक प्लेटफॉर्म बेहतर साबित हो सकते हैं। उन्होंने इसके पीछे कई कारण गिनाए।

फिनटेक से क्यों लें इंस्टेंट लोन

एक्सपर्ट के मुताबिक फिनटेक से लोन लेने पर मंजूरी और डिस्बर्सल बेहद तेज होता है। E-KYC के जरिए ज्यादातर काम ऑनलाइन हो जाने से फिजिकल डॉक्यूमेंट्स की जरूरत बहुत कम पड़ती है। बैंक की तुलना में यहां की शर्तें भी अधिक आसान होती हैं। इसके अलावा, छोटी राशि के लोन भी आसानी से उपलब्ध होते हैं जिन्हें इमरजेंसी में आसान से लिया जा सकता है।

Also Read: 1 करोड़ का घर खरीदने के लिए कैश दें या होम लोन लें? जानें चार्टर्ड अकाउंटेंट की राय

कहां ज्यादा ब्याज देना होगा?

मोहित गांग का कहना है कि फिनटेक कंपनियों के लोन पर ब्याज दरें आमतौर पर ज्यादा होती हैं। वजह यह है कि वे बिना किसी डॉक्यूमेंट, आसान पहुंच और तुरंत लोन जैसी सुविधाएं देती हैं। दूसरी ओर, बैंकों की ब्याज दरें अपेक्षाकृत कम रहती हैं, लेकिन वहां लोन की प्रोसेसिंग और डिस्बर्सल का समय ज्यादा लगता है।

कहां ज्यादा पेपरवर्क

एक्सपर्ट के अनुसार, बैंकों में लोन प्रक्रिया ज्यादातर ऑफलाइन रहती है। यही कारण है कि कागजी कार्रवाई वहां अधिक मुश्किल भरी होती है। बैंक डॉक्यूमेंट्स की जांच भी काफी सख्ती से करते हैं।

एक्सपर्ट का क्या है कहना

मोहित गांग के मुताबिक, अगर कम पैसे की जरूरत हो और तुरंत लोन चाहिए तो फिनटेक प्लेटफॉर्म बेहतर विकल्प हैं। वहीं, बड़ी राशि और अच्छे क्रेडिट रिकॉर्ड वाले लोगों के लिए बैंक से लोन लेना फायदेमंद रहेगा क्योंकि वहां ब्याज दरें कम होती हैं।

Advertisement
First Published - September 12, 2025 | 3:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement