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Gold Investment: आज रख लें 1 किलो सोना, 2040 में खरीद लेंगे प्राइवेट जेट! हर्ष गोयनका के इस पोस्ट की क्यों हो रही चर्चा

Gold Investment: हर्ष गोयनका ने कहा कि सोना लंबे समय का सुरक्षित निवेश है, और 1 किलो सोना 2030 में Rolls Royce और 2040 में प्राइवेट जेट के बराबर हो सकता है।

Last Updated- October 13, 2025 | 1:04 PM IST
Gold investment
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आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने रविवार को सोने की बढ़ती कीमतों पर दिलचस्प उदाहरण देते हुए कहा कि यह धातु लंबे समय से बेहतरीन निवेश साबित हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक चार्ट शेयर किया जिसमें दिखाया गया कि पिछले तीन दशकों में 1 किलो सोने से कौन-कौन सी कार खरीदी जा सकती थी।

गोयनका ने बताया कि 1990 में 1 किलो सोने से मारुति 800 खरीदी जा सकती थी, जबकि 2000 में यही सोना मारुति एस्टीम के बराबर हो गया। 2005 में इसकी कीमत टोयोटा इनोवा के बराबर थी, 2010 में टोयोटा फॉर्च्यूनर, 2019 में बीएमडब्ल्यू, और 2025 में लैंड रोवर खरीदी जा सकती है।

उन्होंने मजाकिया लहजे में सोशल मीडिया यूजर्स को बताया, “सीख ये है कि 1 किलो सोना संभालकर रखिए — 2030 में ये Rolls Royce और 2040 में शायद प्राइवेट जेट के बराबर हो जाएगा।”

गोयनका की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पिछले एक साल में सोने की कीमतों में 52% से ज्यादा का उछाल आया है। निवेशक इसे सुरक्षित निवेश (safe haven asset) मान रहे हैं, खासकर मौजूदा आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच।

सोशल मीडिया पर लोगों ने गोयनका की पोस्ट पर दिलचस्प प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, “भारत में सोने को हमेशा निवेश नहीं, बल्कि सुरक्षा का साधन माना गया है। ये चुपचाप पीढ़ियों की संपत्ति को बचाए रखने का तरीका रहा है।”

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सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर

सोने के वायदा भाव सोमवार को मजबूती के साथ बढ़े। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट 1,875 रुपये की तेजी के साथ 1,23,239 रुपये पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 1,21,364 रुपये था।

खबर लिखे जाने तक यह कॉन्ट्रैक्ट 1,986 रुपये की तेजी के साथ 1,23,350 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान इसने 1,23,680 रुपये का दिन का उच्च और 1,23,000 रुपये का दिन का निचला स्तर छुआ। सोने के वायदा भाव ने 1,23,680 रुपये पर सर्वोच्च स्तर दर्ज किया।

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सोने की कीमतों में तेजी क्यों आई?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और चीन के बीच नए व्यापारिक तनाव के चलते सोना रिकॉर्ड ऊंचाई $4,060 प्रति औंस से ऊपर पहुंच गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों की बढ़ी हुई खरीद, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में निवेश और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती ने सोने की कीमतों को सहारा दिया है।

इसके अलावा, अमेरिकी फेड की स्वतंत्रता पर खतरे और संभावित सरकारी शटडाउन की आशंकाओं के बीच निवेशक अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए सोने की ओर रुख कर रहे हैं।

First Published - October 13, 2025 | 1:04 PM IST

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