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Gold ETF की चमक पड़ी फीकी, 6 महीने बाद नवंबर में निवेश घटा, सोने की कीमतों को अब कहां से मिलेगा सपोर्ट ?

चीन के केंद्रीय बैंक की तरफ से खरीदारी थमने के बाद गोल्ड को सबसे ज्यादा सपोर्ट इन्वेस्टमेंट यानी ईटीएफ डिमांड से मिला ।

Last Updated- December 07, 2024 | 8:12 AM IST
Gold

Gold ETF: गोल्ड में शानदार इन्वेस्टमेंट डिमांड निकलने का सिलसिला नवंबर में थम गया। गोल्ड ईटीएफ के आंकड़े तो इसी बात की ओर इशारा करते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में लगातार 6 महीने के इनफ्लो के बाद नवंबर में आउटफ्लो देखने को मिला। सोने की कीमतों में पिछले महीने आई गिरावट की भी यह एक बड़ी वजह रही।

सोने की कीमतों (gold prices) में फिलहाल नरमी देखने को मिल रही है। ग्लेबल मार्केट में आज शुक्रवार यानी 6 दिसंबर को स्पॉट गोल्ड (spot gold) 26 नवंबर के अपने निचले स्तर तक चला गया।  फिलहाल यह 2,640 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है।  इससे पहले लगातार चार महीने की तेजी के बाद सोने की कीमतों में नवंबर के दौरान गिरावट दर्ज की गई। ग्लोबल मार्केट में नवंबर में सोना 3 फीसदी से ज्यादा टूटा। सितंबर 2023 के बाद गोल्ड के लिए एक महीने में यह सबसे खराब प्रदर्शन है।

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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council)  के आंकड़ों के मुताबिक लगातार छह महीने (मई-अक्टूबर) तक निवेश में बढ़ोतरी यानी इनफ्लो के बाद नवंबर में गोल्ड ईटीएफ में निवेश घटा। आंकड़ों के अनुसार पिछले महीने ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश 2.1 बिलियन डॉलर यानी 28.6 टन कम हुआ। पिछले महीने सिर्फ नार्थ अमेरिका में इनफ्लो देखने को मिला। जबकि यूरोप, एशिया और अन्य क्षेत्रों में आउटफ्लो दर्ज किया गया। यूरोप में लगातार 11वें महीने नवंबर में गोल्ड ईटीएफ में निवेश में कमी आई।

इस साल नवंबर तक देखें तो गोल्ड ईटीएफ में निवेश 2.6 बिलियन डॉलर बढ़ा है। मई 2024 से पहले भी लगातार 12 महीने ग्लोबल लेवल पर गोल्ड ईटीएफ में आउटफ्लो देखने को मिला था।

महीना     गोल्ड ईटीएफ इनफ्लो/आउटफ्लो  
नवंबर 2024 -2.1 बिलियन डॉलर (-28.6 टन)
अक्टूबर 2024 +4.3 बिलियन डॉलर (+43.4 टन)
सितंबर 2024 +1.4 बिलियन डॉलर (+18.4 टन)
अगस्त 2024 +2.1 बिलियन डॉलर (+28.5 टन)
जुलाई 2024 +3.6 बिलियन डॉलर (+47.7 टन)
जून 2024 +1.4 बिलियन डॉलर (+17.5 टन)
मई 2024 +0.5 बिलियन डॉलर (+8.2 टन)
अप्रैल 2024 -2.1 बिलियन डॉलर (-32.9 टन)
मार्च 2024 -0.8 बिलियन डॉलर (-13.6 टन)
फरवरी 2024 -2.9 बिलियन डॉलर (-48.7 टन)
जनवरी 2024 -2.8 बिलियन डॉलर (-50.9 टन)

(Source: World Gold Council)

जानकारों के अनुसार चीन के केंद्रीय बैंक की तरफ से खरीदारी थमने के बाद गोल्ड को सबसे ज्यादा सपोर्ट इन्वेस्टमेंट यानी ईटीएफ डिमांड से मिला है। यदि आगे भी ईटीएफ डिमांड इसी तरह सुस्त बनी रहती है तो सोने पर दबाव देखने को मिल सकता है। हालांकि भारत समेत अन्य देशों के केंद्रीय बैंको की तरफ से शानदार खरीद अभी भी निकल रही है। साथ ही ग्लोबल लेवल पर जियो-पॉलिटिकल टेंशन भी बतौर सुरक्षित विकल्प (safe-haven) सोने की मांग को सपोर्ट कर रहा है।

इसके अलावा मार्केट में अभी भी इस बात की संभावना प्रबल है कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक दिसंबर की अपनी बैठक में एक बार फिर ब्याज दरों में कम से कम 25 बेसिस प्वाइंट यानी 0.25 फीसदी की कटौती सकता है। यदि अमेरिका में ब्याज दरों में आगे कमी आती है तो सोने को और सपोर्ट मिलना लाजमी है। सोने पर कोई इंटरेस्ट/ यील्ड नहीं मिलता इसलिए ब्याज दरों के नीचे जाने से निवेश के तौर पर इस एसेट क्लास की पूछ-परख बढ़ जाती है।

जानकार मानते हैं कि अमेरिका सहित अन्य बड़े केंद्रीय बैंक यदि आगे भी ब्याज दरों में कटौती जारी रखते हैं तो पश्चिमी देशों में निवेशकों का रुझान गोल्ड की तरफ तेजी से बढ़ सकता है और गोल्ड में आगे और भी टिकाऊ तेजी बन सकती है।

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चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBoC) से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक लगातार छठे महीने अक्टूबर में चीन के गोल्ड रिजर्व में कोई बदलाव नहीं देखा गया। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि सोने की कीमतों में आई कमी और ट्रंप की जीत के बाद बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य (geo-political scenario) के मद्देनजर चीन का केंद्रीय बैंक फिर से सोने की खरीदारी शुरू कर सकता है।

इसी साल अप्रैल तक लगातार 18 महीने चीन के गोल्ड रिजर्व में इजाफा देखा गया था। अप्रैल के दौरान चीन का गोल्ड रिजर्व 2 टन बढ़कर 2,264 टन पर पहुंच गया था। हालांकि चीन के गोल्ड रिजर्व में यह 18 महीने की सबसे कम बढ़ोतरी थी। अक्टूबर 2022 की तुलना में यह तकरीबन 319 टन यानी 16.5 फीसदी ज्यादा है। इसी वक्त से चीन के केंद्रीय बैंक ने सोने की मासिक खरीद को लेकर जानकारी फिर से साझा करना शुरू किया था। सोने की कीमतें भी इसी दौरान यानी अक्टूबर 2022 के बाद तकरीबन 50 फीसदी बढ़ी है।

अक्टूबर 2022 के अंत में चीन का कुल गोल्ड रिजर्व 1,948.32 टन था, जबकि कुल रिजर्व में हिस्सेदारी 3.19 फीसदी थी।

चीन के कुल फॉरेक्स रिजर्व में फिलहाल गोल्ड रिजर्व की हिस्सेदारी 4.9 फीसदी यानी अब तक के उच्चतम स्तर पर है। मौजूदा कैलेंडर ईयर के शुरुआती 4  महीनों के दौरान चीन के गोल्ड रिजर्व में 29 टन यानी 1.3 फीसदी का इजाफा हुआ। चीन के केंद्रीय बैंक ने 2023 के दौरान अपने गोल्ड रिजर्व में 225 टन की बढ़ोतरी की थी।

मई  2024 से पहले भी थी गोल्ड ईटीएफ में सुस्ती

मार्च-मई 2023 की अवधि को निकाल दें तो अप्रैल 2022 से इन्वेस्टमेंट डिमांड अप्रैल 2024 तक लगातार नेगेटिव जोन में पड़ी हुई थी। 2020 में गोल्ड ईटीएफ में निवेश 49.4 बिलियन डॉलर (892.1 टन) बढ़ा था। हालांकि उसके बाद 2021 और 2022 में यह क्रमश: 8.9 बिलियन डॉलर (188.8 टन) और 2.9 बिलियन डॉलर (109.5) टन घटा। कैलेंडर ईयर 2023 के दौरान गोल्ड ईटीएफ से कुल 14.7 बिलियन डॉलर (244.4 टन) की निकासी हुई।

वर्ष             गोल्ड ईटीएफ इनफ्लो/आउटफ्लो  
2024 (जनवरी- नवंबर)     +2.6 बिलियन डॉलर (-10.5 टन)
2023    -14.7 बिलियन डॉलर (-244.4 टन)
2022   -2.9 बिलियन डॉलर (-109.5)
2021   -8.9 बिलियन डॉलर (-188.8 टन)
2020   +49.4 बिलियन डॉलर (+892.1 टन)
2019  +19.6 बिलियन डॉलर (+403.6 टन)
2018 +3.9 बिलियन डॉलर (+70.2 टन)

(Source: World Gold Council)

 

First Published - December 6, 2024 | 6:56 PM IST

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