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हमले थमने से बाजार में राहत के आसार

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शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।

Last Updated- May 11, 2025 | 11:03 PM IST
Stock Market

घरेलू इक्विटी बाजार सोमवार को तेजी के साथ खुल सकते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों की लड़ाई के बाद अमेरिका की कथित मध्यस्थता से युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में तेजी दिख सकती है। हालांकि यह तेजी अल्पकालिक हो सकती है।

विश्लेषकों को उम्मीद है कि निवेशकों का ध्यान वैश्विक संकेतों और स्थानीय कारकों पर लौटेगा, जिनमें मॉनसून की जानकारी और नतीजों की घोषणाएं शामिल हैं। शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच 3,800 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

येस सिक्योरिटीज में कार्यकारी निदेशक अमर अंबानी ने कहा, ‘यदि दोनों देशों के बीच टकराव समाप्त हुआ तो सब कुछ सामान्य हो जाएगा। अतीत पर नजर डालें तो पता चलता है कि ऐसे टकरावों का शेयरों पर लंबे समय तक प्रभाव नहीं रहा है। लेकिन इस बार स्थिति अलग हो सकती है।  ताजा टकराव को देखते हुए उतार-चढ़ाव कई महीनों तक रह सकता है।’

शुक्रवार को सेंसेक्स 1.1 फीसदी या 880 अंक गिरकर 79,454 पर जबकि निफ्टी-50 सूचकांक 1.1 फीसदी या 266 अंक लुढ़ककर 24,008 पर आ गया। विश्लेषकों का कहना है कि यदि तनाव कम हो जाए और कोई नई झड़पें न हों तो बाजार शुक्रवार के नुकसान की भरपाई कर सकता है।

शुक्रवार की बिकवाली से पहले एफपीआई ने 15 अप्रैल से भारतीय शेयरों में लगभग 50,000 करोड़ रुपये डाले थे जो जून-जुलाई 2023 के बाद से उनकी सबसे लंबी खरीदारी (लगातार 16 सत्र) है।

अल्फानीति फिनटेक के सह-संस्थापक यू आर भट ने कहा कि इस घटना ने उन विदेशी निवेशकों को हिलाकर रख दिया है जिन्होंने भारत में इस तरह के युद्धकालीन परिदृश्य का पहले कभी सामना नहीं किया है। उन्होंने कहा, ‘पिछला पूर्ण युद्ध वर्ष 1971 में हुआ था। तब से, हमने केवल संक्षिप्त झड़पें देखी हैं। अगर यह और बढ़ता तो बाजारों को और अधिक नुकसान हो सकता था। अब दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बाद शेयर बाजार मौजूदा स्तरों के आसपास स्थिर हो सकते हैं या ऊपर भी जा सकते हैं।’

तकनीकी तौर पर बाजार अल्पावधि में सीमित दायरे में रह सकते हैं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के प्रमुख देवर्ष वकील ने कहा, ‘निफ्टी को 24,545 पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है। यह स्तर 26,277 के अपने सर्वाधिक ऊंचे स्तर से 7 अप्रैल के निचले स्तर 21,743 तक की गिरावट का 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट है। सूचकांक के लिए 23,870 के पिछले ऊंचे स्तर के आसपास समर्थन दिखता है।’

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First Published - May 11, 2025 | 11:03 PM IST

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