facebookmetapixel
Advertisement
व्यापार समझौतों से खुलेगा ‘विकसित भारत’ का रास्ता, ट्रंप टैरिफ के बीच अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूतीEditorial: 2070 तक नेट जीरो के लिए नीति आयोग का महाप्लानAmazon का नया कीर्तिमान: 2025 में प्राइम मेंबर्स को मिली सुपरफास्ट डिलिवरी, 55 करोड़ पैकेट पहुंचे घरIndia-US Trade डील पर बड़ा अपडेट: $500 अरब की खरीद योजना पर अमेरिका के बदले सुरकैंसर के इलाज में जाइडस को बड़ी राहत: SC ने ‘निवोलुमैब’ दवा की बिक्री पर रोक लगाने से किया इनकारभारत में दौड़ी इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार: जनवरी में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री 54% उछलीSME IPO में धांधली पर SEBI सख्त: चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने बाजार हेरफेर और गबन पर जताई चिंताशेयर बाजार पर भारी पड़ा सोना-चांदी, कीमती धातुओं के ETF में निवेश ने तोड़ा रिकॉर्ड; खुले 28 लाख खातेगेटवे टर्मिनल्स को बंबई हाई कोर्ट से बड़ी राहत, ₹170 करोड़ की GST वसूली कार्रवाई पर लगी रोकदुनिया भर में बढ़ा भारतीय कंपनियों का दबदबा, जनवरी में विदेश में प्रत्यक्ष निवेश $3.42 अरब के पार

Stock Market: भारत, चीन के शेयर बाजार मूल्यांकन में घटा अंतर, शांघाई कंपोजिट में सरकार के प्रोत्साहन की वजह से आई तेजी

Advertisement

भारत में शेयर का मूल्यांकन पहली बार मई 2010 चीन की तुलना में अ​धिक हुआ था और उसके बाद से अप्रैल-जून 2015 की छोटी अव​धि को छोड़कर यह ऊपर ही बना हुआ है।

Last Updated- October 06, 2024 | 10:37 PM IST
Stock Market Strategy

दलाल पथ पर गिरावट और शांघाई में तेजी के बीच चीन के बाजार की तुलना में भारत को शेयर बाजार मूल्यांकन में मिली बढ़त अब कम हो रही है। चीन की तुलना में देसी बाजार का मूल्यांकन अब केवल 54.2 फीसदी अ​धिक रह गया है जो अगस्त के अंत में 82.3 फीसदी और सितंबर 2021 में रिकॉर्ड 124 फीसदी था।

पिछले 15 साल के औसत की तुलना में सेंसेक्स का मूल्यांकन प्रीमियम चीन से 48 फीसदी अ​​धिक रहा है। चीन के शांघाई कंपोजिट सूचकांक का प्राइट टु अर्निंग मल्टीपल सितंबर में 17 फीसदी बढ़ गया। दूसरी ओर बाजार में गिरावट के कारण बीएसई सेंसेक्स का मूल्यांकन बीते एक महीने में घटा है।

शांघाई कंपोजिट सितंबर के अंत में 16.1 गुना पीई पर कारोबार कर रहा था जो अगस्त में 13.7 गुना था। इस दौरान शांघाई कंपोजिट सूचकांक 17.4 फीसदी बढ़कर 3,336.5 पर पहुंच गया जबकि अगस्त के अंत में यह 2,842.1 पर था।

सालाना छुट्टियों के कारण अक्टूबर के पहले हफ्ते में चीन का शेयर बाजार बंद रहा। इसकी तुलना में बीएसई सेंसेक्स का पीई मल्टीपल शुक्रवार को घटकर 24.8 गुना रहा जो सितंबर में 25.6 गुना और अगस्त में 25 गुना था। इस महीने अभी तक सेंसेक्स करीब 3 फीसदी गिरा है।

विश्लेषकों का कहना है कि चीन के बाजार में हालिया तेजी वहां शेयरों का मूल्यांकन कम होने की वजह आई है। सिस्टमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इ​क्विटी में शोध एवं इ​क्विटी स्ट्रैटजी के सह-प्रमुख धनंजय सिन्हा ने कहा, ‘इक्विटी बाजारों में औसत उलटफेर होता रहता है और पूंजी अब चीन की ओर जा रही है क्योंकि घरेलू इ​क्विटी बाजार में मूल्यांकन बहुत अधिक हो गया है। उच्च मूल्यांकन संभावित तेजी को कम करता है और जोखिम को बढ़ाता है।’

इ​क्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक एवं सीईओ जी चोकालिंगम ने कहा, ‘चीन की सरकार और केंद्रीय बैंक द्वारा नए प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा से वहां के बाजार में तेजी आई है। इन प्रोत्साहनों से कंपनियों की आय बढ़ने की उम्मीद में शेयर चढ़ रहे हैं। अगर कंपनियों की आय उम्मीद के अनुरूप नहीं रही तो बाजार में गिरावट भी आ सकती है।’

भारत में शेयर का मूल्यांकन पहली बार मई 2010 चीन की तुलना में अ​धिक हुआ था और उसके बाद से अप्रैल-जून 2015 की छोटी अव​धि को छोड़कर यह ऊपर ही बना हुआ है। महामारी के बाद बाजार में तेजी से घरेलू इ​क्विटी मूल्यांकन का प्रीमियम चीन की तुलना में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था।

सितंबर 2021 में यह सर्वा​धिक ऊंचाई पर था जब सेंसेक्स की पीई सर्वकालिक उच्चतम स्तर 33.5 गुना पर पहुंच गया था जबकि इस दौरान शांघाई कंपोजिट का पीई 15 गुना था। भारत में कंपनियों की आय में तेज वृद्धि के कारण शेयरों का मूल्यांकन चीन के बाजार से ज्यादा बढ़ा है।

कोरोना महामारी के बाद सेंसेक्स कंपनियों की प्रति शेयर आय स्थानीय मुद्रा और डॉलर मद में काफी बढ़ी थी। दूसरी ओर हाल के वर्षों में चीन के शांघाई कंपोजिट की प्रति शेयर आय में गिरावट देखी गई।

बीएसई सेंसेक्स का ईपीएस पिछले 10 साल में सालाना 9.3 फीसदी चक्रवृद्धि दर से बढ़ा है। इसकी तुलना में शांघाई कंपोजिट का ईपीएस इस दौरान लगभग ​स्थिर रहा। चीन में कंपनियों की आय में कम वृद्धि और रियल एस्टेट क्षेत्र की कई कंपनियों के दिवालिया होने से निर्माण, निर्माण सामग्री, धातु एवं खनन, ऋण क्षेत्र की कंपनियों की आय पर भी असर पड़ा है।

हाल के समय में चीन के शेयर बाजार में तेजी मुख्य रूप से पिछले हफ्ते वहां की सरकार द्वारा प्रोत्साहन उपायों की घोषणा की बदौलत आई है।

Advertisement
First Published - October 6, 2024 | 10:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement