facebookmetapixel
Advertisement
Editorial: दिवालिया समाधान से CSR और ऑडिट सुधार तक बड़े बदलावसरकारी बैंकों में प्रमोशन के पीछे की कहानी और सुधार की बढ़ती जरूरत​युद्ध और उभरती भू-राजनीतिक दरारें: पश्चिम एशिया संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर दियापीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ानBiharOne: बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की नई शुरुआत, CIPL के साथ बदलाव की बयारईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकार

अल्गो मामले में सेबी की निपटान योजना, 100 से ज्यादा ब्रोकरों को मिल सकती है राहत

Advertisement

आरोप है कि ब्रोकरों ने कथित तौर पर सुनिश्चित रिटर्न देने वाले अल्गो प्रदाता ट्रेडट्रॉन के एपीआई को अपने ग्राहकों को इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।

Last Updated- June 09, 2025 | 10:00 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को उन शेयर ब्रोकरों के लिए निपटान योजना की घोषणा की जो ऐसे अल्गो प्लेटफार्मों से जुड़े थे जिन्हें नियामक ने मानदंडों का उल्लंघन करते पाया था।

मामला गारंटी के साथ रिटर्न का वादा करने वाले एक अल्गो प्लेटफॉर्म का है। इससे 100 से ज्यादा स्टॉक ब्रोकर जुड़े हुए थे। नियामक ने इसकी जांच की। आरोप है कि ब्रोकरों ने कथित तौर पर सुनिश्चित रिटर्न देने वाले अल्गो प्रदाता ट्रेडट्रॉन के एपीआई को अपने ग्राहकों को इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।
ऐसे स्टॉक ब्रोकर बाजार नियामक की ओर से शुरू की गई कार्यवाही का निपटान और समापन करने में सक्षम होंगे। ब्रोकर 16 जून से सितंबर 2025 तक निपटान के लिए आवेदन कर सकेंगे।

ALSO READ: अलग-अलग शुल्क वसूलने पर बीएसई पर उठे सवाल, बोले ब्रोकर– सेबी के ट्रू-टु-लेबल नियमों के खिलाफ

सेबी ने एक सार्वजनिक नोटिस में कहा, यह योजना कुछ अल्गो प्लेटफार्मों से जुड़े उन स्टॉक ब्रोकरों को निपटान का अवसर देगी, जिनके खिलाफ सेबी ने कार्यवाही शुरू की है और जो किसी प्राधिकरण या फोरम यानी न्यायनिर्णायक अधिकारी / प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण / न्यायालयों के समक्ष लंबित हैं।
हालांकि, अगर कोई ब्रोकर इस का लाभ नहीं उठाता है तो उसके खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई जारी रहेगी।

सेबी ने इस समय कोई निपटान राशि तय नहीं की है। एक सूत्र ने पहले बताया था कि यह राशि सभी ब्रोकरों के लिए समान हो सकती है। सेबी 16 जून को निपटान के बारे में और जानकारी मुहैया कराएगा।

इस घटना के बाद बाजार नियामक ने अल्गो प्लेटफॉर्म का उपयोग करने वाले खुदरा व्यापारियों के लिए अपने ढांचे को मजबूत किया है। सेबी ने नियमों में बदलाव किया है, अल्गो प्रदाताओं को अनिवार्य रूप से सूचीबद्ध किया है और स्टॉक ब्रोकरों और एक्सचेंजों की जिम्मेदारियां तय की हैं।

Advertisement
First Published - June 9, 2025 | 9:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement